धनबाद के एक निजी अस्पताल में भीषण आग लगने से कोहराम मच गया। इस आग में झुलसकर 6 लोगों की जान चली गई है। प्रशासन ने पांच लोगों के मौत की पुष्टि की है। जिन लोगों की जान गई है, उनमें एक डॉक्टर, उनकी पत्नी, भतीजा और एक अन्य रिश्तेदार शामिल हैं। इसके अलावा डॉक्टर के घर में काम करने वाली एक घरेलू सहायिका की भी जान गई है। मौके से तुरंत 9 लोगों को रेस्क्यू किया गया। शुरुवाती जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। अस्पताल में आग बुझाने के लिए कोई प्रबंध नहीं था। ज्यादातर लोगों की मौत आग और धुएं में दम घुटने से हुई है।
हादसे के समय ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे। आग बुझाने के लिए बाथरूम के टब और पानी का इस्तेमाल किया गया, लेकिन आग इतनी भयानक थी और कमरे के अंदर इतना धुआं था कि जान बचाना मुश्किल हो गया।
फायर ऑफिसर लक्ष्मण प्रसाद ने घटना के बारे में बताया कि, ‘आग की सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंचे। हमारे आने से पहले आग काफी लग चुकी थी। अगर हमे जानकारी पहले मिलती तो बहुत कुछ कर सकते थे। 5 पुरूषों, 2 महिलाओं और 2 कुत्तों को रेस्क्यू किया गया। एक कुत्तें की मृत्यु हो गई है, बाकियों को अस्पताल भेजा गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने अपने ट्विटर पर लिखा कि धनबाद स्थित हाजरा मेमोरियल अस्पताल में देर रात लगी आग से प्रसिद्ध डॉक्टर दंपती डॉ. विकास और डॉ. प्रेमा हाजरा समेत कुल 6 लोगों की मृत्यु की खबर से मन व्यथित है। परमात्मा दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवारजनों को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
धनबाद के डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) अरविंद कुमार बिन्हा ने कहा कि अब तक यह पुष्टि की गई है कि 5 लोग – डॉक्टर, उनकी पत्नी, उनका भतीजा, एक अन्य रिश्तेदार और घरेलू नौकर की घटना में मृत्यु हो गई है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भी इस घटना पर दुख व्यक्त किया और धनबाद के उपायुक्त को घटना पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी डॉक्टर दंपति के निधन पर शोक व्यक्त किया।
बता दें कि डॉक्टर विकास हाजरा और उनकी पत्नी डॉक्टर प्रेमा हाजरा झारखंड के प्रसिद्ध डॉक्टर्स में से थे और पिछले तीस से ज्यादा वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे थे। डॉ विकास, जाने-माने स्त्री रोग विशेषज्ञ स्वर्गीय डॉ सी सी हाजरा के बेटे थे। वर्ष 1950 में गुजरात के निजी कोलियरी मालिकों ने धनबाद में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए डॉ सी सी हाजरा को नियुक्त किया था। देश में कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद डॉ विकास के पिता ने 1982 में धनबाद शहर में एक अस्पताल की स्थापना की थी जिसका नाम था ‘आरसी हाजरा मेमोरियल अस्पताल’। डॉ विकास भी राज्य के शीर्ष स्त्री रोग विशेषज्ञों में से एक थे। डॉक्टर दंपति अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। ये दोनों मेडिकल छात्र हैं।
