राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को 11 बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2023 से नवाजा। इस साल पुरस्कार पाने वालों में 11 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के 6 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं। राष्ट्रपति ने पुरस्कार पाने वाले सभी बच्चों को बधाई दी और कहा कि, ये बच्चे हमारे भविष्य के कर्णधार हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रत्येक वर्ष छह श्रेणियों – कला और संस्कृति, बहादुरी, नवाचार, शैक्षणिक, सामाजिक सेवा और खेल में उत्कृष्टता के लिए पांच से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को प्रदान किया जाता है। हरेक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इस साल बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 11 बच्चों को पीएमआरबीपी-2023 के लिए चुना गया। इस साल कला एवं संस्कृति क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए चार, वीरता में एक, नवाचार में दो, समाज सेवा में एक और खेल क्षेत्र में तीन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, 2023 पाने वाले 11 बच्चों में एक मल्लखंब वादक, हड्डी रोग से पीड़ित एक गायक और एक यूट्यूबर शामिल हैं।
इन 11 बच्चों को मिला पुरस्कार:-
1. मास्टर आदित्य सुरेश- केरल – कला संस्कृति
2. संभव मिश्रा – ओडिशा- कला संस्कृति
3. श्रेया भट्टाचार्य- असम- कला संस्कृति
4. गौरवी रेड्डी -तेलंगाना- कला संस्कृति
5. रोहन रामचंद्र – वीरता – महाराष्ट्र
6. आदित्य प्रताप सिंह चौहान- नवाचार – छत्तीसगढ़
7. ऋषि शिव प्रसन्ना- नवाचार – कर्नाटक
8. अनुष्का जॉली- दिल्ली- समाज सेवा
9. हनाया निसार – जम्मू – खेल
10. कोलागतला मीनाक्षी- आंध्र प्रदेश – खेल
11. शौर्यजीत- गुजरात- खेल
इस अवसर राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि, ‘बच्चे हमारे देश की अमूल्य संपत्ति हैं। इनके भविष्य के निर्माण के लिए किया गया हर प्रयास हमारे समाज और देश के भविष्य को आकार देगा। हमें उनके सुरक्षित और खुशहाल बचपन और उज्ज्वल भविष्य के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए। बच्चों को पुरस्कार देकर हम राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रोत्साहित और सम्मानित कर रहे हैं’।
उन्होंने कहा- ‘कुछ पुरस्कार विजेताओं ने इतनी कम उम्र में ही इतना अदम्य साहस और पराक्रम दिखाया है कि उनके बारे में जानकर मुझे न केवल आश्चर्य हुआ बल्कि अभिभूत भी हुईं। ऐसे उदाहरण सभी बच्चों और युवाओं के लिए प्रेरणादायी हैं। हम देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। कड़े संघर्ष के बाद हमें आजादी मिली है। इसलिए नई पीढ़ी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सभी इस स्वतंत्रता के मूल्य को पहचानें और इसकी रक्षा करें’। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बच्चों को सलाह दी कि वे देशहित के बारे में सोचें और जहां भी मौका मिले देश के लिए काम करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें यह जानकर बहुत ही खुशी हुई कि आज के बच्चे पर्यावरण के प्रति इतने जागरूक हैं। उन्होंने बच्चों से पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने का आग्रह किया और साथ ही बड़ों को भी इसके लिए प्रेरित करने के लिए कहा।
