मुंबई के एक नामी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस तृतीय वर्ष में पढ़ने वाली छात्रा सदिच्छा साने के मिसिंग केस का 14 महीने बाद पुलिस ने खुलासा किया है। मुंबई पुलिस ने इस मामले में आरोपी मिट्ठू सुखदेव सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी मिट्ठू सिंह ने मुंबई क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लाइफगार्ड के तौर पर काम करने वाले इस आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने सदिच्छा साने की हत्या कर दी और फिर उसकी बॉडी को समुद्र में फेंक दिया। क्राइम ब्रांच ने आईपीसी की धरा-302 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि 22 वर्षीय लड़की सदिच्छा साने को नवंबर 2021 में बांद्रा बैंडस्टैंड से अगवा किया गया था। जहां आरोपी मिट्ठू सिंह लाइफगार्ड के तौर पर काम करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हुई है कि- आरोपी ने ये हत्या क्यों की? और क्या हत्या से पहले छात्रा के साथ कोई गलत काम भी किया गया था? मुंबई पुलिस ने बताया कि 32 वर्षीय आरोपी मिट्ठू सुखदेव सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। उसने पुलिस को बताया कि उसने जेजे हॉस्पिटल की छात्रा सदिच्छा साने की हत्या कर उसके शव को समुद्र में फेंक दिया था। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। फ़िलहाल आरोपी को अदालत ने 21 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेजा है।
आरोपी ने अब तक के पूछताछ में पुलिस को बताया है कि, ‘घटना के दिन लाइफगार्ड के तौर पर उसकी ड्यूटी बांद्रा के बैंड स्टैंड पर थी। सदिच्छा वहां अकेली थी। वह समुद्र की तरफ बढ़ती जा रही थी। उसे ऐसा लगा कि वह आत्महत्या करने जा रही है। आरोपी का कहना है कि उसने सदिच्छा को पीछे से जाकर पकड़ा। सदिच्छा ने बताया कि उसके दिमाग में आत्महत्या करने जैसा कोई खयाल नहीं चल रहा है। इसके बाद दोनों बातें करने लगे। रात 12 बजे से सुबह 3 बजे तक वे दोनों बैंड स्टैंड में समुद्र के किनारे बैठे रहे। वहां से कुछ सेल्फी लेने के बाद वे वहां से निकले’। पुलिस की आरोपी से पूछताछ जारी है।
पूरा मामला क्या है?
पुलिस के मुताबिक 29 नवंबर 2021 को छात्रा सदिच्छा सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर विरार स्टेशन से लोकल ट्रेन में सवार हुई थी। छात्रा को उस दिन दोपहर 2 बजे जेजे अस्पताल में परीक्षा देनी थी। वह पहले अंधेरी में उतरी फिर वहां से दूसरी लोकल ट्रेन से बांद्रा आई। यहां से उसने बैंडस्टैंड के लिए ऑटो लिया। मोबाइल लोकेशन के मुताबिक वह दोपहर तक वहीं आसपास थी। उसके बाद उसका कुछ पता नहीं चल सका।
उसके बाद जब सदिच्छा के परिवार वालों को उसकी कोई खबर नहीं लगी तो उन्होंने बोइसर पुलिस थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दी। परिवार वालों को उसके अपहरण हो जाने का शक था। सदिच्छा की तलाश के लिए सोशल मीडिया समेत बांद्रा के बैंड स्टैंड बस स्टॉप के पास और पूरे बांद्रा इलाके में जगह-जगह तस्वीरें लगाई गईं। लेकिन कहीं से कुछ खबर नहीं मिली।
