ISRO ने एक बार फिर रचा इतिहास! श्री हरीकोटा के लॉन्च पैड से OceanSat-3 समेत 9 सैटेलाइट को एक साथ किया गया लॉन्च

ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) ने शनिवार सुबह 11 बजकर 56 मिनट पर तमिलनाडु के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एक साथ 9 सैटेलाइट लॉन्च किया है। ओशनसैट-3 और भूटान के एक उपग्रह (रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट) समेत 8 नैनो उपग्रहों यानी सैटेलाइट को PSLV C54/EOS06 मिशन के तहत प्रक्षेपित किया गया है।

BhutanSat aka INS-2B इंडिया-भूटान का एक संयुक्त सैटेलाइट है। यह एक नैनो सैटेलाइट है। भारत ने इस सैटेलाइट के लिए भूटान को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की है। इस सैटेलाइट में रिमोट सेंसिंग कैमरा लगा हुआ है जो रेलवे ट्रैक बनाने, ब्रिज बनाने जैसे विकास संबंधी कामों में मदद करेगा। BhutanSat में मल्टी स्पेक्ट्रल कैमरा भी लगा है जिसके जरिए सामान्य तस्वीरों के साथ अलग-अलग प्रकाश तरंगों के आधार पर तस्वीरें भी मिल सकेंगी।

OceanSat-3 सैटेलाइट समुद्री सतह का तापमान, क्लोरोफिल, फाइटोप्लैंकटॉन, एयरोसोल और प्रदूषण की जांच करेगा। यह 1000 किलोग्राम वजन का सैटेलाइट है जिसका नाम इसरो अर्थ ऑब्जरवेशन सैटेलाइट-6 (EOS-6) रखा गया है।

OceanSat-1 को पहली बार वर्ष 1999 में लॉन्च किया गया था। OceanSat का दूसरा सैटेलाइट साल 2009 में अंतरिक्ष में भेजा था लेकिन इसके बेकार हो जाने के बाद OceanSat-3 लॉन्च करने के बजाय SCATSAT-1 को अंतरिक्ष में भेजा गया। OceanSat के बारे में ये कहा जाता है कि इसके जरिए समुद्री सीमाओं पर निगरानी भी रखी जा सकती है।

इन 8 सैटेलाइट्स को PSLV-XL रॉकेट के जरिए आज एक साथ लॉन्च पैड 1 से लॉन्च किया गया है। इस रॉकेट का वजन 320 टन है। इसकी लंबाई 44.4 मीटर और व्यास 2.8 मीटर है। इस रॉकेट में चार स्टेज होते हैं और ये कई सैटेलाइट्स को अलग-अलग ऑर्बिट्स में लॉन्च कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *