दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में प्रदूषण की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है और जगह स्मॉग दिख रहा है। वायु की गुणवत्ता में लगातार गिरावट हो रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शुक्रवार सुबह नोएडा में 562 था जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। गुरुग्राम में भी AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में (539) है। दिल्ली यूनिवर्सिटी इलाके में AQI 563 तक पहुंच गया है जबकि पूरी दिल्ली को अगर देखेंतो तो AQI 472 है।
दिल्ली-एनसीआर हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण लागू कर दिया है। इसका मतलब ये है कि दिल्ली और आसपास के जिलों में बीएस-6 को छोड़कर अन्य डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं, ईलेक्ट्रिक और सीएनजी से चलने वाले ट्रकों के अलावा अन्य ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। दिल्ली-एनसीआर में राजमार्ग, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली पारेषण, पाइपलाइन जैसी पब्लिक प्रोजेक्ट्स में निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक रहेगी।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की तरफ से दिए गए आदेश में कहा गया है कि राज्य सरकार शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने, गैर-आपातकालीन वाणिज्यिक गतिविधियों और ऑड-ईवन के आधार पर वाहनों के चलने पर फैसला ले सकती है. केंद्र और राज्य सरकारें वर्क फ्रॉम होम को लेकर फैसला ले सकती हैं।
स्कूलों का क्या है हाल?
गौतमबुद्धनगर: वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को ऑनलाइन क्लासेज शुरू करने का आदेश दिया गया है। स्कूलों को आदेश जारी कर कहा गया है कि वे पहली से आठवीं क्लास तक के बच्चों को 8 नवंबर तक ऑनलाइन क्लासेज दें। स्कूलों में सभी तरह के आउटडोर एक्टिविटी पर भी रोक लगा दी गई है।
गाजियाबाद: नोएडा से सटे गाजियाबाद में भी हवा की स्थिति कमोवेश एक जैसी ही है लेकिन अभी तक स्कूलों को बंद या ऑनलाइन करने के संबंध में किसी भी तरह का आदेश नहीं आया है।
दिल्ली: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि AQI का लेवल 450 के पार जाने पर GRAP (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) के अनुसार दिल्ली के स्कूल बंद कर दिए जाएंगे।
गुरुग्राम/फरीदाबाद: इन दोनों शहरों में अभी तक स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को लेकर फैसला लेना बाकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि GRAP के तहत ही हरियाणा सरकार को भी फैसला लेना है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से मिलने वाला आदेश ही गुरुग्राम और फरीदाबाद में लागू होगा।
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के “गंभीर श्रेणी” में पहुंचने की मुख्य वजह है – पराली जलाने की घटनाओं में वृद्धि एवं अनुकूल परिवहन-स्तरीय हवा की गति. भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक़, बीते 24 घंटे में पंजाब में 2666 जगहों पर पराली जलाई गई. एक रिपोर्ट में बताया गया है कि हरियाणा में 128, उत्तर प्रदेश में 40, दिल्ली में 1, मध्यप्रदेश में 323 और राजस्थान में 54 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई है.
कैसी हवा होती है अच्छी?
0 – 50 AQI – अच्छा
51 – 100 AQI – संतोषजनक,
101 – 200 AQI – मध्यम
201 – 300 AQI – खराब
301 – 400 AQI – बहुत खराब
401 – 500 AQI – गंभीर श्रेणी
