प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सूरजकुंड में चल रहे दो दिवसीय राज्यों के गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर को संबोधित किया। राज्यों के गृह मंत्रियों का ये चिंतन शिविर 27 और 28 अक्टूबर को हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहा है. इस शिविर में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, गृह सचिव, डीजीपी, सीएपीएफ और सीपीओ के महानिदेशक शामिल हैं।
पीएम मोदी ने आज शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि सभी राज्यों को एक साथ मिलकर काम करने की कोशिश करनी चाहिए। देश के लोगों के लिए ये राज्यों का एक दायित्व है। हर एक राज्य को दुसरे राज्य से सीखना चाहिए, प्रेरणा लेनी चाहिए और साथ ही आंतरिक सुरक्षा के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।। पीएम ने राज्यों को साथ मिलकर काम करने पर जोर देते हुए कहा कि कानून एवं व्यवस्था का सीधा संबंध विकास से है इसलिए शांति बनाए रखना हम सभी का कर्त्तव्य है और जिम्मेदारी भी है। पीएम मोदी ने राज्यों से कहा कि तरह तरह की चुनौतियों के बीच त्योहारों के समय में देश की एकता का मजबूत रहना आपकी तैयारियों को प्रदर्शित करता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सभी राज्यों को पुलिस के लिए ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ को लेकर विचार करना चाहिए। इसे थोपे जाने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। पीएम ने कहा कि इसको करने में समय लग सकता है, ऐसा भी संभव है कि इसमें 5, 50 या 100 साल लग जाएँ, लेकिन इस पर विचार करना चाहिए।
पीएम मोदी ने राज्यों से आग्रह किया कि वो स्वतंत्रता से पहले बनाए गए कानूनों की समीक्षा करें और मौजूदा समय के मुताबिक़ उनमें संशोधन करें।
पीएम मोदी ने जांच एजेंसियों के राज्यों में काम करने को लेकर राज्यों से सहयोग देने को कहा। उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा होता है जब कि केंद्रीय एजेंसियों को अलग अलग राज्यों में एक साथ जांच करनी पड़ती है, दूसरे देशों में भी जाना पड़ता है, इसलिए हर राज्य का ये कर्तव्य है कि चाहे राज्य की एजेंसी हो, या फिर केंद्र की एजेंसी हो, सभी एजेंसियों को एक-दूसरे को पूरा सहयोग देते हुए साथ मिलकर काम करना चाहिए।
फेक न्यूज पर प्रधानमंत्री ने जाहिर की चिंता-
गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर में पीएम ने फेक न्यूज का जिक्र किया और इस पर चिंता भी जताई। पीएम मोदी ने कहा कि कोई भी फेक न्यूज बड़ा बवाल खड़ा कर सकती है, इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि कोई भी मैसेज फॉरवर्ड करने से पहले उसके फैक्ट चेक जरूर किए जाएं। उन्होंने देश की जनता से फेक न्यूज को शेयर नहीं करने की अपील की।
बाद में PMO के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा गया, ‘एक छोटी सी फेक न्यूज़, पूरे देश में बड़ा बवाल खड़ा कर देती है। लोगों को हमें शिक्षित करते रहना पड़ेगा कि कोई भी चीज आती है तो उसे फॉरवर्ड करने से पहले, मानने से पहले वेरीफाई करें।’
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के गृह मंत्रियों के इस चिंतन शिविर की तारीफ़ की और कहा कि यह शिविर, सहकारी संघवाद का एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम देश की बेहतरी के लिए काम करें, यही संविधान की भावना है और देशवासियों के प्रति हमारा दायित्व भी। पीएम ने कहा कि हम आजादी का अमृतकाल मन रहे हैं। अगला 25 वर्ष देश में एक अमृत पीढ़ी के निर्माण के लिए है. ये अमृत पीढ़ी ‘पंच प्राणों’ के संकल्पों को धारण करके निर्मित होगी।
विकसित भारत का निर्माण
गुलामी की हर सोच से मुक्ति
विरासत पर गर्व
एकता और एकजुटता
नागरिक कर्तव्य
दो दिवसीय इस चिंतन शिविर का उद्देश्य ‘विजन 2047’ और ‘पंच प्रण’ पर अमल के लिए एक कार्य योजना बनाना है, जिसका एलान प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में किया था।
