मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाक्टरों ने शांति मार्च के जरिए डाक्टरों को बदनाम करने का विरोध किया

 

प्रयागराज: लगातार डॉक्टरों के खिलाफ जगह जगह पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के विरोध में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज स्वरूपरानी जिला अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टरों ने एक शांति मार्च निकाला इस शांति मार्च के चलते हैं रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा अपने खिलाफ चलाए जा रहे  अप्रामाणिक और असंवैधानिक मुहिम के खिलाफ शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन किया,उनका कहना था कि झूठ का कद सच के मुकाबले छोटा होता है और जब वक्त होता है तो हम ही आ जाते हैं और आपकी जिंदगी और मौत की लड़ाई मे हम आपके साथ लगातार लड़ते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम झूठ बर्दाश्त कर लेंगे। बता दें कि मामला स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज मैं 4 दिन पूर्व हुए हैं संगठित रेप मामले पर लगातार राजनीतिक रैलियों एवं प्रदर्शन के खिलाफ डॉक्टरों का प्रदर्शन है 4 दिन पूर्व रानी (काल्पनिक नाम) के भाई द्वारा डॉक्टरों पर बलात्कार का आरोप लगाया गया एवं उसके द्वारा
सोशल मीडिया पर कतिपय दो वीडियो वायरल किए गए जिसके बाद मीडिया द्वारा संज्ञान लेने पर प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी अस्पताल द्वारा एक पांच सदस्य जांच कमेटी का गठन किया गया, जांच कमेटी ने रिपोर्ट में मेडिकल तथ्यों के आधार पर आरोपी डॉक्टरों को बरी कर दिया जिसके बाद कुछ राजनीतिक पार्टियों ने इस पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया जिसमें जांच रिपोर्ट को मनमाने रूप से प्रस्तुत करना, पुलिस द्वारा एफआईआर न करना एवं स्वतंत्र जांच कमेटी के गठन का पूरे मामले का जांच करना शामिल था, जिसको लेकर विगत दिनों से लगातार जगह-जगह पर धरना प्रदर्शन हो रहा है इस बीच आज रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम में पूरे मेडिकल कॉलेज एवं स्वरूप रानी अस्पताल का भ्रमण करते हुए सांकेतिक रूप से इस बात पर विरोध जताया कि जब जांच कमेटी द्वारा क्लीन चिट दे दी गई है तो लोग अब क्यों विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, और अपने निजी स्वार्थों के चलते अन्य मरीजों की सेवा में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द हीइस प्रकार के दुष्प्रचार पर रोक लगाते हुए स्वरूपरानी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के छवि को धूमिल होने से बचाएं।

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