एक तरफ महामारी की लहर और दूसरी तरफ लोगों की अजीबोगरीब हरकतें जो शिक्षा के लिए बदनुमा दाग है,अभी कल ही NCERT के पाठ्यक्रम पर हंगामा उठ खड़ा हुआ था। आज चेन्नई के एक नामी स्कूल में कई छात्राओं ने एक शिक्षक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
चेन्नई के स्कूल पद्मशेषाद्री बाल भवन के शिक्षक पर ये आरोप स्कूल की केवल मौजूदा छात्राओं ने ही नहीं, बल्कि पूर्व छात्राओं ने भी लगाए हैं। स्टूडेंट्स ने टीचर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसके लिए उन्होंने एक ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि टीचर ने ऑनलाइन क्लास में भी तौलिया पहन कर बच्चों को पढ़ाया, साथ ही छात्राओं को अश्लील संदेश भेजे और उन पर आपत्तिजनक कमेंट्स भी किए।
स्कूल के पूर्व छात्रों ने भी डीन को संबोधित करते हुए एक बयान जारी किया है, जिसके मुताबिक, टीचर बीते 20 सालों से स्कूल में अकाउंटेंसी और बिजनेस (Accountancy and Business) पढ़ा रहे हैं, इस दौरान उन्होंने कई बार छात्रों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने की कोशिश की, साथ ही आपत्तिजनक और अश्लील कमेंट्स भी किए।
वहीं, कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर ये भी आरोप लगाया है कि स्कूल मैनजमेंट से शिकायत करने के बाद भी टीचर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
‘शिकायत करने पर नंबर कम देने की दी थी धमकी’
पूर्व छात्रों का ये भी कहना है कि टीचर ने लड़कियों का शोषण किया और उन्हें गलत तरीके से हाथ भी लगाया। बयान में ये भी दावा किया गया है कि टीचर ने स्टूडेंट्स को ये धमकी भी दी थी कि अगर उसकी शिकायत की गई तो शिकायत करने वाले को परीक्षा में कम नंबर मिलेंगे। छात्रों की मांग है कि टीचर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए, साथ ही शैक्षणिक गतिविधियों (Educational Activities) से उसकी भागीदारी को हटा दिया जाए और टीचर के खिलाफ स्वतंत्र जांच भी कराई जाए।
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DMK की तरफ से टीचर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
इस मुद्दे को संज्ञान में लेते हुए DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि टीचर के खिलाफ जांच की जानी चाहिए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, जिसमें स्कूल के अधिकारी भी शामिल है, जो इस मामलें को दबाने में लगे थे। DMK चेन्नई दक्षिण के सांसद थमीजाची थंगापंडियन ने इन आरोपों को गंभीर बताया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “इस अपराधी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।स्कूल के अधिकारियों को अपराधी को बचाने के बजाय उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
दयानिधि मारन ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
