Twitter- सरकार की रस्साकस्सी में उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू समेत मोहन भागवत के अकाउंट से- ब्लू टिक बैज लिया, ये कारवाई व्यक्तिगत अकाउंट पर की गई

दिल्ली/ ट्विटर और सरकार के साथ चल रहे विवाद में आज ट्विटर ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सहकार्यवाहक सुरेश सोनी समेत कई लोगों से ब्लू टिक वापस ले लिए। ये ब्लू टिक होना अकाउंट वेरिफिकेशन की निशानी है।

 

ट्विटर ने शनिवार को सुबह उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू के पर्सनल वेरीफाइड अकाउंट @MVenkaiahNaidu से ब्लू बैज हटा दिया था। हंगामा होने के बाद कुछ घंटों में फिर इसे वापस कर दिया गया है। पर मोहन भागवत के साथ अन्य नेताओं के ब्लू टिक बैज नहीं लौटाये गये है।

 

गौरतलब है पिछले महीनें ये सारा विवाद शुरू हुआ जब संबित पात्रा और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने एक मैन्युपुलेशन वाली सामग्री (Toolkit) को अपने अकाउंट से ट्वीट किया और कांग्रेस पर आरोप लगाये, कांग्रेस ने गलत तरीके से सरकार की छवि खराब की है। कांग्रेस ने इस पूरे विवाद में पड़ताल के दौरान पाया कि बीजेपी फ़र्ज़ी और गलत तथ्यों को परोस कर कांग्रेस को बदनाम कर रही है, इसके बाद दिल्ली तुगलक रोड में और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने इस मामलें में FIR दर्ज करवाई। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने ट्विटर के दिल्ली और गुड़गांव ऑफिस पर छापा मारा। आलोचना होने के बाद सरकार ने नये IT रूल का दबाव बनाया twitter, facebook, और अन्य social मीडिया प्लेटफॉर्म पर।

इस पूरे नूराकुश्ती में आज ट्विटर ने सुबह सुबह ये कारनामा कर डाला। ट्विटर ने हाल ही में अपनी ब्लू टिक वेरीफिकेशन प्रोसेस को दोबारा शुरू किया है और इसके साथ ही उसने पुराने हैंडल्स को क्रॉस-चेक करते हुए ब्लू बैज को हटाना शुरू किया है। इस बीच कुछ देर के लिए उपराष्ट्रपति की प्रोफाइल से गायब ब्लू बैज ने लोगों को हैरानी में डाल दिया था। हालांकि, भारत के उपराष्ट्रपति @VPSecretariat के आधिकारिक हैंडल पर ब्लू बैज जारी रहा।

ट्विटर ने अपनी सफाई में कहा है, ने कहा कि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का अकाउंट जुलाई 2020 से इनएक्टिव है। पिछले 11 महीनों से इस अकाउंट से कोई भी ट्वीट नहीं किया गया, जैसा कि ट्विटर वेरीफिकेशन पॉलिसी में बताया गया है, इस तरह की स्थिति में ट्विटर ब्लू वेरीफाइड बैज को हटा सकता है।

मोहन भागवत समेत RSS नेताओं के अकाउंट से भी ब्लू बैज हुआ गायब

अनवेरीफाइड किए जाने वालों में उपराष्ट्रपति का पर्सनल अकाउंट ही शामिल नहीं रहा बल्कि ट्विटर ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के कुछ बड़े नेताओं के अकाउन्ट्स को भी अनवेरीफाइड कर दिया है. इसमें संघ प्रमुख मोहन भागवत, RSS के सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और कुछ दूसरे RSS नेताओं का अकाउंट शामिल है। फिलहाल इनके अकाउंट पर ब्लू बैज रिस्टोर नहीं हुआ है।

क्या कारण है ब्लू टिक बैज हटाने का ?

वेरीफाइड होने के लिए, एक अकाउंट नोटेबल, ऑथेंटिक और एक्टिव होना चाहिए कम से कम 6 महीने से लगातार ट्विटर जिन 6 प्रकार के अकाउन्ट्स की पुष्टि करता है उनमें सरकारी कंपनियां, ब्रांड और गैर-लाभकारी संगठन, समाचार संगठन और पत्रकार, मनोरंजन, खेल और निर्यात, कार्यकर्ता, आयोजक और अन्य प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं. ट्विटर कहता है कि यदि कोई अकाउंट अपना यूजर नेम (@handle) बदलता है या कोई अकाउंट इनएक्टिवेट या इनकम्पलीट हो जाता है या यदि अकाउंट का ऑनर अब नहीं है, तो वह किसी भी समय और बिना किसी सूचना के किसी भी ट्विटर खाते के ब्लू वेरीफाइड बैज और वेरीफाइड स्थिति को हटा सकता है।

ट्विटर उन अकाउन्ट्स से ब्लू वेरीफाइड बैज को भी हटा सकता है जो ट्विटर के नियमों का गंभीर या बार-बार उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, जिसमें किसी भी एकाउंट से अगर किसी को ट्रोल किया जाता है या मानसिक तनाव दिया जाता है ऐसे में शिकायत करके बाद तत्काल अकाउंट सस्पेंड होता है। ट्वीट्स, जिनमें hate speech, जैसी बातों का ध्यान रखा जाता हैं।

 

इन्हीं सब कारणों से फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनोत समेत पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का अकाउंट आजीवन प्रतिबंध कर दिया गया है। फेसबुक ने 2 साल के लिए टर्म को बैन किया है।

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