धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने कहा कि स्टालिन पर सनातन धर्म को खत्म करने का आह्वान करने और खड़गे पर उनकी टिप्पणी का समर्थन करने के लिए मामला दर्ज किया गया है।
दोनों पर रामपुर के सिविल लाइन्स पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 295 ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य) और 153 ए (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस मामले पर यूपी के मंत्री और बीजेपी नेता अनिल राजभर ने कहा, “हमारा देश और मोदी सरकार किसी को भी सनातन धर्म को नुकसान नहीं पहुंचाने देगी…उनके (उदयनिधि स्टालिन) खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और हम उन लोगों का स्वागत करते हैं जिन्होंने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।”
ये एफआईआर वकील हर्ष गुप्ता और राम सिंह लोधी की शिकायत पर की गई है। इन्होने स्टालिन के बयान पर मीडिया रिपोर्टों को उजागर किया और आरोप लगाया कि राजनेता की टिप्पणियों ने उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
स्टालिन ने शनिवार को तमिलनाडु में एक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी। उनकी टिप्पणियों पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की और भाजपा ने कांग्रेस पर उनकी टिप्पणियों की निंदा करने पर जोर दिया।
हालाँकि, बाद में स्टालिन ने दावा किया कि उन्होंने सनातन धर्म के अनुयायियों के खिलाफ हिंसा का आह्वान नहीं किया था।
