Nepal Flood Update- नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई “बाढ़” आपदा ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। घटना के बाद सामने आये वीडियो में लोगों की चीख पुकार और मदद मांगते दृश्य घटना की भयानक मंजर दिल दहला देने वाले है। बीते बुधवार को देखते ही देखते नेपाल के रसुवा जिले में बस्तियां बह गईं, लोग बह गये, पुल ताश के पत्तों की तरह ढह गए, सड़कें मलबे में बदल गईं और सैकड़ों लोंगो की मौत हो है। और दर्जनों लापता है।
सोशल साइट्स पर मिले वीडियो में एक परिवार अपने घर की दूसरी मंजिल की बालकनी में फंसा नजर आ रहा है। घर के चारों तरफ तेज रफ्तार से बाढ़ का पानी बह रहा है और उसके साथ मिट्टी और मलबा भी बहता दिखाई दे रहा है। वीडियो में कम से कम तीन लोग बालकनी में खड़े नजर आ रहे हैं। वे अपने घर के चारों ओर बढ़ते कीचड़ भरे पानी को बेबसी से देखते दिखाई दे रहे हैं। आसपास से लोगों की घबराहट और अफरा-तफरी की आवाजें भी सुनाई दे रही हैं।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को बताया कि बुधवार को आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 538 हो गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, अब तक 1500 लोग लापता हैं। राहत और बचाव अभियान के लिए 14,829 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव दल अब तक 3,742 लोगों को सुरक्षित निकाल चुका है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित इलाकों में राहत का काम लगातार जारी है।
MEA ने कहा कि लगभग 320 भारतीय और 100 भारतीय मूल के लोगों से अभी भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में फंसे भारतीयों को निकालने के साथ-साथ भारत लगातार राहत सामग्री भी भेज रहा है।
वहीं चीन के बॉडर की तरफ करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और उन्हें भी वहां से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
भारत ने नेपाल के लिए भेजी राहत सामग्री
नेपाल में आपदा सामने आने के तुरंत बाद भारत ने मानवीय सहायता भेजने की तैयारी शुरू कर दी थी। जायसवाल के मुताबिक, 26 अगस्त की शाम पहला विमान राहत सामग्री लेकर रवाना हुआ। इस विमान में करीब 10 टन राहत सामग्री भेजी गई। इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं। इसके बाद 27 अगस्त सुबह करीब 10:30 बजे दूसरा विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ। इस विमान में करीब 37.5 टन राहत सामग्री भेजी गई। भारत अब तीसरी उड़ान भेजने पर भी विचार कर रहा है, जिसके 27 अगस्त की शाम रवाना होने की उम्मीद है।
21 भारतीय नागरिक दिल्ली पहुंचे
राहत अभियान के बीच भारतीय नागरिकों को लेकर एक अच्छी खबर भी सामने आई है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 भारतीय नागरिक, जो बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुंचे थे, अब सुरक्षित दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी 21 लोग तमिलनाडु से हैं। जायसवाल ने बताया कि भारतीय राजदूत ने काठमांडू में इन लोगों से मुलाकात कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली थी।
त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के 63 भारतीय भी सुरक्षित
इसके अलावा त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को भी बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन भारतीय नागरिकों को भी 27 अगस्त को रेस्क्यू किया गया था। इस तरह बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे कई भारतीयों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली है।
चीन की तरफ से 96 भारतीय नेपाल पहुंचे
हालांकि, नेपाल में फंसे भारतीयों को लेकर चिंता अभी बनी हुई है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस समय करीब 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या वे लापता बताए जा रहे हैं। इन लोगों का पता लगाने और उनके बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय लगातार स्थानीय अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में है।
करीब 100 भारतीय मूल के लोग अभी संपर्क से बाहर हैं। ये लोग संभवत: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए गए थे, लेकिन इनके पास दूसरी देशों की नागरिकता है। इस वजह से इन्हें भारत के लापता भारतीय नागरिकों के आंकड़े से अलग रखा जा रहा है।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, बाढ़ से प्रभावित इलाकों से हजारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं, बचाव दल बाढ़ से तबाह हुए क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं और फंसे हुए लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, नेपाल पुलिस ने तिब्बत की ओर एक बांध टूटने की जानकारी मिलने के बाद नया अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों, राहत और बचाव कार्य में लगे कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर सुरक्षाकर्मी और राहतकर्मी तुरंत सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बांध टूटने की खबर का संबंध चीन के हिमालयी क्षेत्र में आई शुरुआती बाढ़ के बाद बनी झील को लेकर जताई जा रही चिंता से है या नहीं। बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचने की कोशिश कर रहा है। टीमें मलबे और तेज बहाव के बीच फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए अभियान जारी है।
