राहुल गांधी ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की आलोचना की, इसे ‘संघ और सभी राज्यों पर हमला’ बताया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि “एक राष्ट्र, एक चुनाव” का विचार भारतीय संघ और उसके सभी राज्यों पर हमला है। राहुल गांधी ने कहा, “इंडिया, यानी भारत, राज्यों का एक संघ है और ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विचार संघ और उसके सभी राज्यों पर हमला है।” कांग्रेस सांसद का यह ट्वीट सरकार द्वारा एक साथ चुनाव कराने की संभावना पर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने के बाद आया।

इससे पहले कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को उस पैनल का हिस्सा बनने से इंकार कर दिया, जिसे केंद्र सरकार ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के विचार को लागू करने की संभावना की जांच के लिए गठित किया है। उन्होंने राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को समिति से बाहर किये जाने पर भी दुख जताया। मालूम हो कि सरकार ने खड़गे की जगह पूर्व नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद को कमेटी में शामिल किया है।

सरकारी सूत्रों का दावा है कि नामों के साथ अधिसूचना जारी होने से पहले कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव समिति’ का हिस्सा बनने के लिए अपनी सहमति दे दी थी। हालाँकि, बाद में कांग्रेस सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखकर इसका हिस्सा बनने से इनकार कर दिया।

आठ सदस्यीय पैनल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, गुलाम नबी आजाद, एनके सिंह, सुभाष सी कश्यप, हरीश साल्वे और संजय कोठारी को सदस्य बनाया गया है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस समिति के अध्यक्ष हैं।

सरकार ने लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर जल्द से जल्द जांच करने और सिफारिशें करने के लिए आठ सदस्यीय समिति को शनिवार को अधिसूचित किया। इसकी अधिसूचना विधि एवं न्याय मंत्रालय ने जारी की।

ये समिति संविधान, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम और किसी भी अन्य कानून और नियमों की जांच करेगी और विशिष्ट संशोधनों की सिफारिश करेगी, जिनमें एक साथ चुनाव कराने के उद्देश्य से संशोधन की आवश्यकता होगी।

यह इस बात की भी जांच करेगी और सिफारिश करेगी कि क्या संविधान में संशोधन के लिए राज्यों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता होगी।

समिति त्रिशंकु सदन, अविश्वास प्रस्ताव को अपनाने, या एक साथ चुनाव के मामले में दलबदल या ऐसी किसी अन्य घटना जैसे परिदृश्यों का विश्लेषण और संभावित समाधान भी सुझाएगी।

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