दिल्ली में यमुना अब तक के उच्चतम स्तर पर, पानी शहर में घुसा; मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्र से हस्तक्षेप का किया आग्रह

देश की राजधानी में यमुना नदी बुधवार को 207.66 मीटर के उच्चतम स्तर तक आ पहुंची है। दिल्ली में यमुना ने जलस्तर का 45 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इसके पहले 9 जून 1978 को यमुना का सर्वोच्च जलस्तर 207.49 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। यमुना का स्तर इस हद तक बढ़ने से राजधानी में बाढ़ का डर पैदा हो गया है। एक अधिकारी ने कहा, नदी के और बढ़ने की संभावना है। एहतियात के तौर पर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ संभावित इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, “केंद्रीय जल आयोग ने आज यमुना में 207.72 मीटर जल स्तर की भविष्यवाणी की है। दिल्ली के लिए अच्छी खबर नहीं है। दिल्ली में पिछले 2 दिनों से बारिश नहीं हुई हैहै। हालांकि, हथिनीकुंड बैराज में हरियाणा द्वारा असामान्य रूप से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण यमुना का स्तर बढ़ रहा है। केंद्र से हस्तक्षेप करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूँ कि यमुना का स्तर और न बढ़े।”

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखा है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा, “हथिनीकुंड से सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जाना चाहिए, ताकि यमुना का जलस्तर और न बढ़े। दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन होना है, इसलिए अगर दिल्ली में बाढ़ आती है, तो इससे दुनिया में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।”

सीएम अरविंद केजरीवाल ने सेंट्रल वाटर कमीशन की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि सेंट्रल वाटर कमीशन के अनुमान आज रात (बुधवार) को यमुना का स्तर 207.72 मीटर पहुंच जाएगा जो कि बहुत चिंता की बात है। दिल्ली में पिछले तीन दिन से बारिश नहीं हुई। दिल्ली में यमुना में पानी का स्तर दिल्ली की बारिश की वजह से नहीं बढ़ रहा, बल्कि हरियाणा स्थित हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की वजह से लगातार बढ़ रहा है।

दिल्ली की मंत्री आतिशी ने कहा कि हमने राहत शिविरों में पंखे, बाथरूम, चिकित्सा सुविधाएं और अन्य सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं। यमुना नदी में जल स्तर लगातार बढ़ रहा है और हम किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

उफनती नदी का पानी अब शहर में फैलने लगा है, जिससे निवासियों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। कश्मीरी गेट और रिंग रोड के पास मठ बाजार में पानी घुस गया, जिससे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। यमुना नदी का पानी रिंग रोड में घुस गया और पानी को आगे बढ़ने से रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा रेत की बोरियां लगायी गयीं। लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनरी तैनात की गई है।

दिल्ली के जल मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मीडिया को बताया कि शहर सरकार स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ”हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।”

राष्ट्रीय राजधानी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण हजारों लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने से आईटीओ छठ घाट जलमग्न हो गया है। बैठने के लिए बनी बेंचें भी पानी में डूब गईं हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “बारिश के कारण यमुना नदी का जल स्तर बढ़ रहा है। नदी के किनारे के सभी पुलिस स्टेशनों को क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। अन्य एजेंसियों के साथ भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है ताकि जलभराव होने पर लोगों को बचाया जा सके।

सोमवार की रात नदी निकासी के निशान 206 मीटर को पार कर गई थी, जिससे बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा। विभाग ने मंगलवार शाम को कहा कि निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने रविवार को बाढ़ की चेतावनी और मंगलवार को दूसरी चेतावनी जारी की। अधिकारियों को सतर्क रहने और संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

पिछले साल सितंबर में भी यमुना ने दो बार खतरे के निशान को पार किया था और जलस्तर 206.38 मीटर तक पहुंच गया था।

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