दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर में बुधवार को फायरिंग की घटना सामने आई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पाया कि वकीलों के दो गुटों के बीच किसी मुद्दे पर बहस हो गई, जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर हवा में गोलियां चलाईं गई।
हालाँकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष के.के. मनन ने फायरिंग की घटना की निंदा करते हुए कहा, “मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। इस बात की जांच की जाएगी कि हथियार का लाइसेंस था या नहीं। अगर हथियार का लाइसेंस था, तो भी कोई वकील या कोई अन्य उनका उपयोग अदालत परिसर के अंदर या आसपास इस तरह नहीं कर सकता।”
दिल्ली पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा, “आज लगभग 1335 बजे पीएस सब्जी मंडी में गोलीबारी की घटना की सूचना मिली। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पता चला कि पदाधिकारियों समेत वकीलों के दो अलग-अलग गुटों ने कथित तौर पर हवा में गोली चलाई है और कोई घायल नहीं हुआ है। स्थिति सामान्य है। कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है।”
बता दें कि कोर्ट में फायरिंग की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले इसी साल अप्रैल महीने में साकेत कोर्ट में कड़ी सुरक्षा के बावजूद एक शख्स ने महिला पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। 22 अप्रैल 2022 को रोहिणी कोर्ट में फायरिंग की घटना हुई थी। इस घटना में 2 वकीलों को गोली लगी थी। सितंबर 2021 में रोहिणी कोर्ट परिसर में शूटआउट को अंजाम देकर गैंगस्टर जितेंद्र गोगी को मार डाला गया था।
