पाकिस्तान के ‘भारत-अमेरिका संयुक्त बयान’ पर प्रतिक्रिया का राजनाथ सिंह ने दिया करारा जवाब, कहा- ‘अपना घर संभालिए’

पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद पर कड़ी टिप्पणियों पर इस्लामाबाद की प्रतिक्रिया के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज जम्मू में कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर के बारे में बात करने के बजाय अपना घर बचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। संयुक्त बयान में पाकिस्तान से यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया था कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकी हमलों के लिए अड्डे के रूप में न किया जाए।

राजनाथ सिंह ने कहा, “पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के संयुक्त बयान से पाकिस्तान को अपमानित महसूस हुआ। उन्होंने वही पुराना बयान जारी किया कि भारत दुनिया का ध्यान कश्मीर से हटा रहा है। मैं उनसे सहमत हूं। हम कश्मीर से दुनिया की चकाचौंध हटाने में सफल रहे हैं। मैं पाकिस्तान सरकार से कहना चाहता हूं कि लगातार कश्मीर का हवाला देकर उसे कुछ हासिल नहीं होगा। अपना घर संभालिये।”

राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई शुरू की और पहली बार देश ही नहीं दुनिया ने जाना की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का मतलब क्या होता है। हमने आतंकवाद की फंडिंग पर रोक लगाई, हथियारों और ड्रग्स की सप्लाई पर रोक लगाई और आतंकवादियों के सफाए के साथ-साथ जो भूमिगत वर्कर्स का नेटवर्क यहां काम करता है उसे भी छिन्न-भिन्न करने का काम हो रहा है।

सिंह ने कहा, संयुक्त बयान (भारत और अमेरिका द्वारा जारी) में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र-सूचीबद्ध आतंकवादी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन शामिल हैं। इस संयुक्त बयान में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान को अपने क्षेत्र में होने वाली हर आतंकवादी कार्रवाई को रोकना चाहिए और अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए नहीं करने देना चाहिए और 26/11 और पठानकोट हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने से यह पाकिस्तान का अधिकार क्षेत्र नहीं बन जाता। PoK भारत का हिस्सा था, है और रहेगा। इस आशय के कम से कम तीन प्रस्ताव पारित किये गये हैं। भारतीय संसद ने पीओके को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया है। पीओके में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है और वे नारे लगाकर भारत में विलय की मांग करेंगे।

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