शराब नीति मामला: सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 16 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब नीति मामले में पूछताछ के लिए तलब किया है। जांच एजेंसी ने मुख्यमंत्री को 16 अप्रैल को तलब किया है। इस बीच ‘आप’ ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के बाद केंद्र सरकार दबाव बना रही है।

आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश रची गई है। संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा, ‘जिस दिन अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा में कहा था कि पीएम के दोस्त का काला धन पीएम का काला धन है, मैंने उनसे कहा था कि अगला नंबर आपका है। वे (बीजेपी) प्रधानमंत्री के भ्रष्टाचार पर पर्दा डालने के लिए सब कुछ करेंगे’।

आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल को समन भेजने पर केंद्र सरकार पर हमला किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि, ‘अरविंद केजरीवाल की आवाज़ को दबाना बहुत मुश्किल है…सत्य बोलने वाले लोगों के दिल में जगह बनाते हैं…लोगों के दिलों से कोई किसी को डिलीट नहीं कर सकता…हम चट्टान की तरह उनके साथ खड़े हैं। इन्कलाब ज़िंदाबाद’। तो वहीं आप के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने भी कहा कि, ‘मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी की नींद उड़ा रखी है। दिन रात उनके सपनों में बस केजरीवाल आते हैं और उन्हें नींद में डराते हैं। सीबीआई का ये समन बीजेपी का ‘केजरीवाल फोबिया‘ दर्शाता है। हम तुम्हारी CBI-ED से नहीं डरते हैं’।

इससे पहले फरवरी महीने में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली के डिप्टी सीएम और आप नेता मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। दिल्ली आबकारी नीति मामले में आठ घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। सिसोदिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 477 ए (धोखाधड़ी करने का इरादा) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत गिरफ्तार किया गया था।

पिछले साल जुलाई में दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना ने आरोपों की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी कि नई आबकारी नीति ने निजी शराब विक्रेताओं को “अनुचित लाभ” दिया। बाद में अगस्त में, सीबीआई ने दिल्ली-एनसीआर और पंजाब में 20 से अधिक स्थानों पर छापे मारे। जिन ठिकानों पर छापेमारी की गई उनमें मनीष सिसोदिया का घर भी शामिल था।

सीबीआई के अलावा, प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार से पूछताछ की थी। यह बताया गया था कि ईडी ने अरविंद केजरीवाल के निजी सहायक बिभव कुमार से पूछताछ की थी कि नई आबकारी नीति के संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री से किसने बात की या उनसे मुलाकात की। बिभव, सिसोदिया और अन्य पर आबकारी नीति मामले में हजारों करोड़ रुपये की रिश्वत प्राप्त करने के लिए 170 फोन का उपयोग करने, नष्ट करने और बदलने का आरोप है।

ईडी ने मामले में आप नेता जैस्मीन शाह से भी पूछताछ की थी। बिभव की तरह, जैस्मीन शाह से भी उन बैठकों के बारे में पूछा गया जो दिल्ली की नई आबकारी नीति के लाने से जुड़ी थी। जैस्मीन शाह दिल्ली के संवाद और विकास आयोग की उपाध्यक्ष हैं। वह निजी डिस्कॉम के बोर्ड से लेफ्टिनेंट गवर्नर वीके सक्सेना द्वारा हटाए गए चार लोगों में से एक थीं।

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