नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने फ्रेंच सीरियल किलर और ‘बिकिनी किलर’ के नाम से मशहूर चार्ल्स शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया है। उसे उम्र के आधार पर रिहा किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सपना प्रधान मल्ला और तिल प्रसाद श्रेष्ठ की पीठ ने शोभराज को रिहा करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता बिमल पौडेल ने बताया कि शोभराज द्वारा जेल से रिहा होने के लिए याचिका दायर की गई थी। चूंकि वह तय वक़्त से ज्यादा समय तक जेल में बंद था, तो उसी आधार पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया गया है। चार्ल्स शोभराज पर दो अमेरिकी पर्यटकों की हत्या करने के आरोप लगा था। इसी आरोप में वह 2003 से नेपाल की जेल में बंद है। नेपाल की सुप्रीम कोर्ट ने रिहाई के 15 दिनों के अंदर उसके डिपोर्टेशन का भी निर्देश दिया है।
ऐसा कहा जाता है कि 70 के दशक में चार्ल्स शोभराज ने भारत, थाईलैंड, तुर्की और ईरान में 20 से ज्यादा पर्यटकों की हत्या की थी। चार्ल्स ने साउथ-ईस्ट एशिया में 12 पर्यटकों को मार दिया था। इन पर्यटकों की मौत पानी में डूबने से, गला घोंटकर, चाकू से या जिंदा जलाने की वजह से हुई थी।
1 सितंबर 2003 को उसे नेपाल में एक कैसीनो के बाहर देखा गया थ। उसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई और फिर पुलिस ने उसके खिलाफ 1975 में काठमांडू और भक्तपुर में एक कपल की हत्या के आरोप में हत्या के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए।
शोभराज को 1975 में काठमांडू और भक्तपुर जिला अदालतों ने दो हत्याओं का दोषी पाया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में काठमांडू जिला अदालत द्वारा उसे सुनाई गई उम्रकैद की सजा का समर्थन किया था। शोभराज काठमांडू की सेंट्रल जेल में 21 साल की सजा काट रहा है। अमेरिकी नागरिक की हत्या के जुर्म में उसे 20 साल तथा जाली पासपोर्ट रखने के अपराध में एक साल की सजा हुई थी।
चार्ल्स शोभराज का जन्म 1944 में वियतनाम में हुआ था. शोभराज के माता-पिता भारतीय और वियतनामी थे। चार्ल्स का असली नाम Hatchand Bhaonani Gurumukh Charles Sobhraj है। लेकिन अब वह बिकिनी किलर और सीरियल किलर के नाम से मशहूर हैं। चार्ल्स ने अपनी जिंदगी के कई साल एशिया और फ्रांस में गुजारे हैं। अपने माता-पिता के बीच तलाक होने के बाद उसकी मां ने चार्ल्स को पाल पोश कर बड़ा किया।
अलग अलग रिपोर्ट्स की अगर मानें तो चार्ल्स शोभराज को कई भाषाओं का ज्ञान था। वह भेष बदलने में महारथी था और अपनी पर्सनैलिटी के चलते महिलाओं के साथ आसानी से दोस्ती कर लेता था। वो इन महिलाओं से दोस्ती करने के बाद उन्हें नशीली दवाएं दिया करता था और फिर उनसे प्रेम संबंध बनाकर उनकी हत्या कर देता था। माना जाता है कि उसने अपना सबसे पहला शिकार एक अमेरिकन महिला टेरेसा नोलटन को बनाया था। उसे 1976 से 1997 तक भारत में जेल में रखा गया था। 1986 में चार्ल्स अपने साथियों के साथ नई दिल्ली की तिहाड़ जेल से भाग निकला था, लेकिन बहुत जल्द ही उसे पकड़ लिया गया। 1997 में सजा पूरी करने के बाद चार्ल्स सोभराज रिहा हुआ और फिर फ्रांस चला गया। फिर साल 2003 में नेपाल आने के बाद उसे दो लोगों की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा दी गई।
चार्ल्स शोभराज पर बॉलीवुड में ‘मैं और चार्ल्स’ के नाम से फिल्म भी बनी है। 2010 में चार्ल्स ने निहिता बिस्वास से जेल में शादी की थी। उसकी इस शादी ने भी खूब सुर्खियां बटोरी थी क्योंकि शादी के समय निहिता की उम्र 20 साल थी तो वही चार्ल्स 64 साल का था।
