छत्तीसगढ़ से एक बहुत बुड़ी सामने खबर आई है। राज्य के अंबिकापुर जिले के मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर बंद होने की वजह से चार नवजात बच्चों की मौत हो गई। ये सभी बच्चे मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती थे। बताया जा रहा है कि घटना रविवार देर रात हुई है। इस घटना के बाद से मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है कि घटना रविवार देर रात की है। बच्चों की मौत हो जकाने के बाद मृतक बच्चों के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगते हुए कहा कि रात में चार घंटे तक बिजली गुल होने की वजह से वेंटिलेटर पर ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई, लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने संज्ञान नहीं लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डीन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा एसडीएम सहित अन्य अधिकारी एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। जिला कलेक्टर कुंदन कुमार ने मामले की जानकारी देते हुए मीडिया को बताया कि, जैसा डॉक्टरों ने बताया है कि 4-5 घंटों के दौरान 4 बच्चों की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली जाने से ये घटना नहीं हुई है, न ही वेंटिलेटर बंद हुए। कुमार ने कहा, हम जांच करा रहे हैं, अगर वेंटिलेटर बंद हुए हैं, तो वह भी सामने आ जाएगा।
इस घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मृतक बच्चों के परिजनों के आरोपों को खारिज कर दिया। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि बिजली कटने को लेकर किसी भी तरह की समस्या नहीं हुई।
स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव ने कहा कि मुझे यह सूचना मिली है कि अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में कथित तौर पर चार घंटे तक बिजली कटने से बीती रात चार नवजातों की मौत हो गई। मैंने स्वास्थ्य सचिव को जांच दल गठित करने का निर्देश दिया है। अधिक जानकारी लेने के लिए मैं खुद अंबिकापुर अस्पताल जा रहा हूं। जांच के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वह पल-पल की खबर अस्पताल से ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस घटना की जानकारी उन्होंने मुख्यमंत्री को भी दे दी है।
बता दें कि इससे पहले भी परिजनों ने लाइट गुल होने के बाद बिगड़ी व्यवस्था को लेकर शिकायत की थी। स्वास्थ्य मंत्री टीएसपी देव की मां के नाम पर ही इस अस्पताल का नाम राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव रखा गया है।
