कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए क्योंकि उनके पास परमाणु बम की शक्ति है जिसका उपयोग वे हमारे खिलाफ कर सकते हैं। वह हाल के दिनों में पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं के बारे में चेतावनी देने वाले दूसरे नेता हैं। इस सप्ताह की शुरुआत में, नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने तीखी टिप्पणी की थी कि अगर उकसाया गया तो पाकिस्तान परमाणु बम का सहारा ले सकता है।
अय्यर ने कहा कि सरकार चाहे तो पाकिस्तान से सख्ती से बात कर सकती है, लेकिन अगर वह पड़ोसी देश का सम्मान नहीं करेंगे तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। पिछले 10 सालों में पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं करने को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए अय्यर ने कहा कि अगर भारत को विश्व गुरु बनना है तो उसे इस दिशा में कड़ी मेहनत करनी होगी।
पूर्व राजनयिक और भारत-पाकिस्तान संबंधों को सामान्य बनाने के मुखर समर्थक अय्यर ने कहा कि सरकार चाहे तो इस्लामाबाद से सख्ती से बात कर सकती है, लेकिन अगर भारत पड़ोसी देश का सम्मान नहीं करता है, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
अय्यर ने चेताते हुए कहा कि उनके पास परमाणु बम हैं। हमारे पास भी हैं लेकिन क्या होगा अगर कोई पागल लाहौर में ये बम गिराने का फैसला कर ले। इस रेडिएशन को अमृतसर पहुंचने में आठ सेकंड भी नहीं लगेंगे। अगर हम उनकी इज्जत करेंगे तो वे शांत बने रहेंगे लेकिन अगर हम उन्हें छोटा दिखाते रहेंगे तो कोई पागल आएगा और बम गिरा देगा।
उन्होनें कहा कि मैं ये नहीं कह रहा हूं कि हमें ये सोचें कि हमारी समस्याओं का हल कैसे निकलेगा? ये काम विशेषज्ञों का है। मेरा बस इतना कहना है कि घृणा दिखाकर या बंदूक दिखाकर आप स्थितियों में सुधार नहीं कर सकते। हमें ये समझना होगा कि पाकिस्तान भी एक संप्रभु राष्ट्र है, उनकी भी इज्जत है। हमें उनकी इज्जत को कायम रखते हुए कड़ी से कड़ी बात करनी चाहिए। अब क्या हो रहा है? हम बातचीत नहीं कर रहे हैं, इससे तनाव बढ़ता जा रहा है।
मणिशंकर अय्यर ने कहा कि हमारे पास एटम बम है। यदि हमने उसे लाहौर के स्टेशन पर छोड़ दिया तो केवल 8 सेकेंड लगेंगे और उसकी रेडियो एक्टिविटी अमृतसर तक पहुंच जाएगी। यदि हम विश्वगुरु बनना चाहते हैं तो हमें ये जरूरी है कि कितनी भी बड़ी समस्या हो उसका हल निकालने के लिए हमें मेहनत करनी होगी, लेकिन पिछले 10 साल से पूरी मेहनत बंद पड़ी है।
उन्होनें कहा, वो कहते हैं, ‘आप (मोदी सरकार) बंदूक लेकर घूम रहे हो। उससे क्या हल मिलेगा, कुछ नहीं। तनाव बढ़ता जाता है। कोई भी पागल वहां (पाकिस्तान में) आ जाए तो क्या होगा देश (भारत) का? हमें मसल्स (ताकत) तब दिखाने चाहिए, जब सामने वाले के पास मसल्स ना हो। उनके मसल्स रावलपिंडी के कहुटा में पड़े हैं। अगर गलतफहमी फैल जाएगी तो बहुत दिक्कत होगी।’
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि राजीव गांधी ने पाकिस्तान के साथ जंग होने की आशंका के बीच अमन का रास्ता निकाला था। लेकिन आज के समय में पाकिस्तान के साथ अमन की संभावनाएं हैं लेकिन मोदी जी जंग का रास्ता खोज निकाल रहे हैं।
कांग्रेस ने यह कहते हुए तुरंत अय्यर की टिप्पणियों से दूरी बना ली कि वे पार्टी के रुख को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। पार्टी ने भाजपा पर राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए जानबूझकर अय्यर के पुराने साक्षात्कार को उछालने का भी आरोप लगाया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस श्री मणिशंकर अय्यर द्वारा कुछ महीने पहले की गई कुछ टिप्पणियों से खुद को पूरी तरह से अलग करती है और उनसे पूरी तरह असहमत है, जिन्हें आज भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी की दैनिक गलतियों से ध्यान हटाने के प्रयास में फिर से दोहराया है। श्री अय्यर किसी भी तरह से पार्टी के लिए नहीं बोलते हैं।”
इस बीच बीजेपी के कई नेतायों ने मणिशंकर के बयान पर पलटवार किया। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस का ‘पाकिस्तान प्रेम’ रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की ओर से पाकिस्तान की ताकत का प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान का सम्मान करना चाहिए और उससे बातचीत करनी चाहिए। वही पाकिस्तान जो हमारे देश में आतंकी भेजता रहता है। अब जब पुलवामा जैसी घटनाएं होती हैं तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है। आज पाकिस्तान गुहार लगाता रहता है।”
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस नेता भारत में रहते हैं लेकिन उनके दिल पाकिस्तान में रहते हैं। पाकिस्तान में क्या साहस है? भारत जानता है कि कैसे करारा जवाब देना है।
वहीँ केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ” राहुल गांधी, कांग्रेस, मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। मैं कहना चाहूंगा कि कांग्रेस को ये दोहरी नीति छोड़ देनी चाहिए। भारत इतना ताकतवर है कि अगर उसने हम पर नजर डाली तो पाकिस्तान नहीं रहेगा। वे फारूक अब्दुल्ला की भाषा बोल रहे हैं। कांग्रेस पाकिस्तान की आतंकवादियों की भाषा बोलती है।”
मणिशंकर अय्यर की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रसिद्ध ‘घर में घुस कर’ चेतावनी के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक विवाद के बीच आई है।पीएम ने कहा था कि भारतीय सेना सीमा पार से भागने वाले किसी भी आतंकवादी को मारने के लिए पाकिस्तान में प्रवेश करेगी। इस्लामाबाद ने “भड़काऊ टिप्पणियों” की निंदा की थी।
प्रधानमंत्री के हमले के मद्देनजर, भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी पाकिस्तान विरोधी बयानबाज़ी शुरू कर दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) हमारा था, है और हमारा रहेगा, लेकिन भारत को इस पर बलपूर्वक कब्जा नहीं करना होगा क्योंकि इसके लोग खुद ही भारत का हिस्सा बनना चाहेंगे।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने राजनाथ सिंह को याद दिलाया कि पाकिस्तान एक परमाणु शक्ति है। उन्होंने चेतावनी दी, “याद रखें, उन्होंने (पाकिस्तान) भी चूड़ियां नहीं पहनी हैं। उसके पास परमाणु बम हैं और दुर्भाग्य से वह परमाणु बम हम पर गिरेगा।”
अपनी टिप्पणी के लिए भाजपा के निशाने पर आए अय्यर ने कहा कि साक्षात्कार में वह जो स्वेटर पहने हुए दिख रहे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि उन्होंने यह टिप्पणी कई महीने पहले सर्दियों में की थी।
