दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई परिसरों पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीमों ने छापेमारी की। ये तलाशी बुधवार सुबह 5:00 बजे शुरू हुई।
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उत्तर प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, बाराबंकी, बहराईच, सीतापुर और हरदोई में एनआईए की छापेमारी हुई है। लखनऊ के एक ही इलाके में तीन घरों पर एनआईए की टीम और अर्धसैनिक बलों ने छापेमारी की।
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यह तलाशी दिल्ली में शाहीन बाग, बल्लीमारान समेत कई जगहों पर भी की गई है। तमिलनाडु में 10 जगहों पर तलाशी अभियान चलाया गया। मदुरै, चेन्नई, थेनी और डिंडीगुल जिलों में विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किए गए।
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NIA ने बुधवार सुबह भोपाल के खानू गांव में दबिश दी। यहां से एक बुजुर्ग को हिरासत में लिया। उसका नाम मुश्ताक खान (60) बताया जा रहा है। वह करीब एक साल पहले ही इस इलाके में रहने आया था।
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अधिकारियों की एक टीम मुंबई के विक्रोली इलाके में अब्दुल वाहिद शेख के घर भी पहुंची। शेख मुंबई ट्रेन विस्फोट मामले में बरी किया गया आरोपी है।
हालाँकि, शेख ने टीमों को अंदर जाने से मना कर दिया और पहले कानूनी नोटिस भेजने को कहा। उसने कहा, “इन लोगों ने मेरे घर का दरवाज़ा और मेरा कैमरा तोड़ दिया। मैंने उनसे पहचान प्रमाण मांगा लेकिन उन्हें कोई मुहैया नहीं कराया गया। अगर वे इन तलाशी के लिए कानूनी नोटिस पेश करते हैं तो मैं सहयोग करने के लिए तैयार हूं।”
केंद्र सरकार ने पिछले साल 27 सितंबर को PFI और उससे जुड़े 8 संगठनों पर पांच साल का बैन लगाया था। गृह मंत्रालय ने इन संगठनों को बैन करने का नोटिफिकेशन जारी किया था। संगठन के खिलाफ टेरर लिंक के सबूत मिले। केंद्र सरकार ने यह एक्शन UAPA के तहत लिया। सरकार ने कहा, PFI और उससे जुड़े संगठनों की गतिविधियां देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।
यह छापेमारी एनआईए द्वारा प्रतिबंधित संगठन के 12 राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद (एनईसी) सदस्यों सहित 19 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के महीनों बाद की गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा और आतंकी संबंधों के खतरों को लेकर पिछले साल सितंबर में पीएफआई और उसके आठ सहयोगियों पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।
पीएफआई का गठन 2006 में केरल के नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट (एनडीएफ) और कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी (केएफडी) के विलय से हुआ था। अपने गठन के बाद से, पीएफआई कैडर देश में हत्याओं और हिंसक हमलों की एक श्रृंखला में शामिल रहे हैं।
