‘न्यूज़क्लिक’ पर NYT की रिपोर्ट को लेकर बीजेपी ने संसद में राहुल गांधी पर बोला हमला, कांग्रेस भड़की

न्यूयॉर्क टाइम्स की विस्फोटक रिपोर्ट आने के एक दिन बाद भाजपा ने सोमवार को संसद में कांग्रेस और राहुल गांधी पर पार्टी को चीनी फंडिंग का आरोप लगाते हुए खूब हमला बोला। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मीडिया पोर्टल न्यूज़क्लिक चीन के एजेंडे को आगे बढ़ा रहा है। इसने कांग्रेस पर 2021 में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा इसकी फंडिंग की जांच के दौरान न्यूज़क्लिक का बचाव करने का भी आरोप लगाया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने शनिवार को अपनी जांच रिपोर्ट में कहा था, “नई दिल्ली में कॉर्पोरेट फाइलिंग से पता चलता है कि नेविल रॉय सिंघम के नेटवर्क ने एक समाचार साइट न्यूज़क्लिक को वित्तपोषित किया, जिसने चीनी सरकार के साथ अपने कवरेज को प्रसारित किया। इससे पता चला है कि कैसे सिंघम कार्यकर्ताओं के समूहों, गैर-लाभकारी संगठनों, शेल कंपनियों और बीजिंग और चीनी प्रचार के साथ उनके करीबी संबंधों के आंतरिक रूप से जुड़े नेटवर्क के केंद्र में था।”

मामले यह है कि दो साल पहले प्रवर्तन निदेशालय की जांच में पाया गया था कि मीडिया पोर्टल न्यूजक्लिक को विदेशों से लगभग 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी। जांच में पता चला था कि अमेरिकी करोड़पति नेविल रॉय सिंघम की ओर से लगातार न्यूजक्लिक को फंडिंग दी गई थी। नेविल पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के साथ संबंध के आरोप लगते रहे हैं। ईडी की जांच में पता चला था कि तीन साल में NewsClick को 38 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली थी। इसे तीस्ता सीतलवाड़ समेत कई लोगों में बांटा गया था। अब इसे लेकर ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट में एक्टिविस्ट ग्रुप्स, गैर-लाभकारी संगठनों, शेल कंपनियों और चीन के साथ उनके नेटवर्क का पता चला है। इस पूरे नेटवर्क के केंद्र में नेविल रॉय सिंघम हैं।

द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कॉर्पोरेट फाइलिंग से पता चलता है, सिंघम के नेटवर्क ने एक समाचार साइट, न्यूजक्लिक को फंडिंग दी है. इसमें जरिए चीनी सरकार के मुद्दों को कवर किया गया।

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने आज संसद में कहा, चीनी फंड का इस्तेमाल कर सरकार के खिलाफ माहौल बनाया गया। दुबे ने कहा कि न्यूजक्लिक को चीन से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने कहा कि न्यूजक्लिक देश विरोधी है। उन्होंने मीडिया पोर्टल पर चाइनीज फंडिंग से सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर भी निशाना साधा।

उन्होंने आरोप लगाया कि चीन ने 2005 और 2015 के बीच कई मौकों पर कांग्रेस को बचाया था। भाजपा नेता ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी ने दोनों देशों के बीच डोकलाम सीमा गतिरोध के चरम पर दिल्ली में चीनी राजदूत से मुलाकात की थी।

दुबे ने कहा, “कांग्रेस पार्टी की नीति भारत को तोड़ने की है… चुनाव आयोग को कांग्रेस पार्टी की चीनी फंडिंग की जांच करनी चाहिए और कांग्रेस की दुकान बंद करनी चाहिए।”

लोकसभा में दुबे की टिप्पणियों के तुरंत बाद, कांग्रेस नेता और सांसद अधीर रंजन चौधरी ने स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर मांग की कि भाजपा सांसद की टिप्पणियों को लोकसभा के रिकॉर्ड से हटा दिया जाए। अधीर रंजन चौधरी ने अपने पत्र में लिखा, “हम नियम 380 के तहत मांग करते हैं कि उनकी टिप्पणियों को पूरी तरह से हटा दिया जाए और इस बात की जांच की जाए कि इस तरह के आरोप को रिकॉर्ड पर उठाने की अनुमति कैसे दी गई।”

केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “यहां तक ​​कि ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ जैसे समाचार पत्र भी अब स्वीकार कर रहे हैं कि नेविल रॉय सिंघम और उनका न्यूज़क्लिक चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के खतरनाक उपकरण हैं और दुनिया भर में चीन के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं।”

अनुराग ठाकुर ने कहा, “कांग्रेस, चीन और न्यूज़क्लिक एक ही हैं। राहुल गांधी की ‘नकली मोहब्बत की दुकान’ में चीनी सामान साफ़ देखा जा सकता है। चीन के प्रति उनका प्रेम देखा जा सकता है। वे भारत विरोधी अभियान चला रहे थे।”

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 2021 में न्यूज़क्लिक का बचाव किया जब भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में वेबसाइट के खिलाफ जांच शुरू की।

ठाकुर ने कहा, 2021 में हमने न्यूज़क्लिक को बेनक़ाब किया कि कैसे विदेशी दुष्प्रचार भारत के ख़िलाफ़ है। भारत विरोधी इस अभियान में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल उनके समर्थन में आए… चीनी कंपनियां मुगल नेविल रॉय सिंघम के माध्यम से न्यूज़क्लिक को फंडिंग कर रही थीं लेकिन उनके सेल्समैन भारत के कुछ लोग थे, जो उनके खिलाफ कार्रवाई होने पर उनके समर्थन में आ गए।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “कांग्रेस के लिए नेविल और न्यूज़क्लिक का बचाव करना स्वाभाविक है क्योंकि उसके नेतृत्व के लिए राष्ट्रीय हित कभी मायने नहीं रखता। क्या यह वही कांग्रेस पार्टी नहीं है जिसने भारत में चीनी हितों को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2008 में सीपीसी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे और कथित तौर पर चीनी दूतावास से राजीव गांधी फाउंडेशन (आरजीएफ) के लिए दान स्वीकार किया था?”

केंद्रीय मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा, “न्यूज़क्लिक जैसे मंचों और संयुक्त रूप से संचालित होने वाले अन्य मंचों द्वारा पेश की जाने वाली बातें राहुल गांधी द्वारा लगभग इसी तरह से दोहराई जाती हैं, जो विदेश जाते हैं और बिल्कुल वही बातें कहते हैं-लोकतंत्र खतरे में है, न्यायपालिका से समझौता किया गया है, ईवीएम से समझौता किया गया है। यह बिल्कुल वही कहानी है जो ये मंच सामने रखते हैं… यह एक जटिल साजिश है। यह ऑपरेटरों का एक नेटवर्क है जिसे वित्त पोषित किया जा रहा है, जिसे निहित स्वार्थों द्वारा बढ़ावा दिया जा रहा है देश के बाहर, जो भारत के उत्थान के विरोधी हैं..”

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी NYT रिपोर्ट को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि न्यूज़क्लिक को कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त था।

भाजपा नेता ने एक ट्वीट में कहा, “ईडी द्वारा संदिग्ध वेबसाइट NewsClick.in के प्रमोटरों पर छापा मारने के दो साल बाद, NYT ने पुष्टि की है कि यह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का एक खतरनाक उपकरण था।”

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