दिल्ली में यमुना का जलस्तर दो दिनों तक घटने के बाद सोमवार रात को पुरानी दिल्ली यमुना ब्रिज पर फिर से बढ़ने का अनुमान है। दिल्ली की कैबिनेट मंत्री आतिशी ने लोगों से राहत शिविरों में रहने का आग्रह किया है क्योंकि केंद्रीय जल आयोग का अनुमान है कि यह रात भर में 206.1 मीटर तक पहुंच सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली के लोगों को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने बताया कि रविवार को हरियाणा के कुछ इलाकों में भारी बारिश के कारण यमुना का जलस्तर थोड़ा बढ़ गया है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, दोपहर 2 बजे यमुना का जलस्तर 205.87 मीटर था, जो खतरे के निशान 205.33 मीटर से अधिक था। सीडब्ल्यूसी वेबसाइट ने भविष्यवाणी की है कि शाम 7 बजे यमुना का जल स्तर बढ़कर 205.83 मीटर हो जाएगा, जबकि रात 9 बजे यह 206.1 मीटर होगा।
आतिशी ने ट्वीट किया, “राहत शिविरों में रहने वाले सभी लोगों से अनुरोध है कि वे अभी अपने घरों को वापस न जाएं। पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे जाने के बाद ही अपने घरों को वापस जाएं।”
दिल्ली में दोपहर 12 बजे यमुना का जलस्तर सुबह 9 बजे 205.58 मीटर से बढ़कर 205.80 मीटर हो गया। रविवार की रात जलस्तर 205.52 मीटर था. यमुना का जलस्तर पिछले सप्ताह 207.49 मीटर के पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर 12 जुलाई को 208 मीटर को पार कर गया था।
यमुना नदी पिछले एक सप्ताह से उफान पर है। स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को कहा कि दिल्ली सरकार के सभी विभागों को राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ के बाद की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।
दिल्ली सरकार के एक अस्पताल के अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ के मद्देनजर स्थापित राहत शिविरों से ज्यादातर नेत्रश्लेष्मलाशोथ और त्वचा एलर्जी के मामले सामने आ रहे हैं। भारद्वाज ने कहा कि बाढ़ के कारण पूर्वी दिल्ली और उत्तरपूर्वी दिल्ली बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं।
बता दें कि मौसम विभाग ने और बारिश होने की संभावना जताई है। जिससे दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
