तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा नरूला बनर्जी को एक बार फिर कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर दुबई जाने वाली उड़ान में सवार होने से रोक दिया गया। कोलकाता हवाई अड्डे पर इमीग्रेशन विभाग द्वारा उन्हें रोका गया और कहा गया कि वह विदेश यात्रा नहीं कर सकती हैं। उन्हें आज समन जारी कर 8 जून को ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। उन्हें बंगाल कोयला तस्करी घोटाले के सिलसिले में हवाई अड्डे पर हिरासत में लिया गया।
रुजीरा बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तलब किया है और दो दिन बाद पूछताछ के लिए बुलाया है। वह आज दुबई के लिए एक उड़ान पकड़ने के लिए हवाईअड्डे पर पहुंची, लेकिन इमीग्रेशन विभाग द्वारा रोक दिया गया और बोर्डिंग से इनकार कर दिया गया।
ईडी के सूत्रों के मुताबिक, रूजीरा को उसके खिलाफ जारी एक सक्रिय लुक-आउट सर्कुलर के आधार पर रोका गया।
रुजिरा बनर्जी के वकील ने कहा कि, ‘आज सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का घोर उल्लंघन करते हुए उन्हें उनके नाबालिग बच्चों के साथ इमीग्रेशन पर रोक दिया गया और सूचित किया गया कि वह विदेश यात्रा नहीं कर सकती हैं। उन्हें 8 जून को कोलकाता में ईडी कार्यालय में पेश होने के निर्देश देने वाले समन की एक प्रति भी सौंपी गई। हम अदालत जाएंगे क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
वकील ने आगे कहा कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी ने ईडी को 5 जून से 13 जून तक अपने बच्चों के साथ दुबिया की आगामी यात्रा के बारे में ईमेल के माध्यम से सूचित किया था। ईडी की ओर से इस तरह के दौरे पर आपत्ति जताने के लिए कोई प्रतिक्रिया/संचार नहीं था, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मद्देनजर नहीं हो सकता था।
करोड़ों रुपये के कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में रुजीरा बनर्जी से केंद्रीय एजेंसियां पहले भी पूछताछ कर चुकी हैं। यह जांच सीबीआई द्वारा 2020 में कोयला चोरी घोटाले में दायर एक प्राथमिकी से जुड़ी है।
आरोप है कि पश्चिम बंगाल में आसनसोल के पास कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाकों में ईस्टर्न कोलफील्ड्स की लीजहोल्ड खदानों में कोयले का अवैध खनन किया गया था। जांच में 1,300 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन की ओर इशारा किया गया है, जिनमें से अधिकांश सीबीआई के अनुसार कई प्रभावशाली लोगों के पास गया। जांच में पता चला कि हवाला के जरिए इन प्रभावशाली लोगों के विदेशी बैंक खातों में पैसा जमा कराया गया था।
