दिग्गज पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया सोमवार को भारतीय रेलवे में OSD (खेल) के पद पर फिर से नियुक्त हो गए हैं। दो दिन पहले ही पहलवानों ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। यह बैठक शनिवार को दिल्ली में अमित शाह के आवास पर हुई और देर रात तक चली। बैठक में पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग उठाई थी। इस बीच खबर यह आई कि दोनों पहलवानों ने आंदोलन से खुद को अलग कर लिया है लेकिन बाद में पहलवान बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना विरोध बंद नहीं किया है।
पहलवान साक्षी मलिक ने एएनआई से कहा- हम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले। यह सामान्य बातचीत थी। हमारी केवल एक ही मांग है और वह है उन्हें (बृजभूषण सिंह) गिरफ्तार करना। मैं विरोध से पीछे नहीं हटी हूं। रेलवे में ओएसडी के रूप में मैंने अपना काम फिर से शुरू कर दिया है। मैं स्पष्ट करना छति हूं कि जब तक हमें न्याय नहीं मिल जाता तब तक हम विरोध करते रहेंगे। हम पीछे नहीं हटेंगे। उसने (नाबालिग लड़की) कोई प्राथमिकी वापस नहीं ली है, यह सब फर्जी है।
साक्षी मलिक ने ट्वीट कर कहा- ये खबर बिलकुल ग़लत है। इंसाफ़ की लड़ाई में ना हम में से कोई पीछे हटा है, ना हटेगा। सत्याग्रह के साथ साथ रेलवे में अपनी ज़िम्मेदारी को साथ निभा रही हूँ। इंसाफ़ मिलने तक हमारी लड़ाई जारी है। कृपया कोई ग़लत खबर ना चलाई जाए।
https://twitter.com/SakshiMalik/status/1665645066105544705?s=20
साक्षी मलिक के पति सत्यव्रत कादियान ने कहा कि, “न तो हमने समझौता किया है, न ही हम पीछे हटेंगे। यह सब फर्जी है, हम इस विरोध को वापस नहीं लेंगे। हम एकजुट रहेंगे और न्याय के लिए आंदोलन करते रहेंगे। फेक न्यूज है। हमें कमजोर करने के लिए फैलाया जा रहा है.. पूरा देश दिल्ली पुलिस के खिलाफ है।‘
बजरंग पुनिया ने ट्वीट कर कहा- ‘आंदोलन वापस लेने की खबरें कोरी अफ़वाह हैं। ये खबरें हमें नुक़सान पहुँचाने के लिए फैलाई जा रही हैं। हम न पीछे हटे हैं और न ही हमने आंदोलन वापस लिया है। महिला पहलवानों की एफ़आईआर उठाने की खबर भी झूठी है। इंसाफ़ मिलने तक लड़ाई जारी रहेगी।
7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ 21 अप्रैल को कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन शिकायतों के आधार पर 28 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के दो मामले दर्ज किए गए। पहली प्राथमिकी नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर है। इसमें पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं, दूसरी FIR अन्य पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से संबंधित है। इन मामलों में पुलिस की जांच जारी है।
गृह मंत्री के साथ यह बैठक कुछ दिनों पहले प्रदर्शनकारी पहलवानों के गंगा में पदक विसर्जित करने के लिए हरिद्वार जाने के बाद आयोजित की गई थी, लेकिन किसान नेता नरेश टिकैत ने उन्हें रोक दिया था। उनकी वापसी के बाद सरकार को अल्टीमेटम दिया गया था और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को 9 जून से पहले गिरफ्तार करने की मांग की गई थी।
मालूम हो कि पहलवान बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। उन्होंने एक नाबालिग सहित महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। बृजभूषण के खिलाफ अब तक दो प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और उन पर पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
