कर्नाटक के मनोनीत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने गुरुवार रात सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। राज्यपाल ने मनोनीत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को टीम के सदस्यों के साथ शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया। शपथ समारोह 20 मई को दोपहर 12.30 बजे बेंगलुरु के कांटेरावा स्टेडियम में होगा।
राज्यपाल से मुलाकात के पहले कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) ने सीएलपी नेता के रूप में सिद्धारमैया के नाम को मंजूरी दी। आरवी देशपांडे, एचके पाटिल, एमबी पाटिल और लक्ष्मी हेब्बलकर ने सिद्धारमैया के नाम का प्रस्ताव रखा था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण समारोह में शीर्ष विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया है। सिद्धारमैया को कांग्रेस ने डीके शिवकुमार के साथ कर्नाटक सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना था। पार्टी ने बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार, राजद के तेजस्वी यादव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और एनसीपी प्रमुख शरद पवार जैसे शीर्ष विपक्षी नेताओं को आमंत्रित करके बड़े पैमाने पर 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले शक्ति प्रदर्शन की योजना बनाई है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पीडीपी की महबूबा मुफ्ती, सीपीआई के डी राजा, सीपीएम के सीताराम येचुरी और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को भी भव्य शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है।
हालांकि, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और आम आदमी पार्टी को अभी तक निमंत्रण नहीं मिला है। केसीआर, जगन और आप अपने-अपने राज्यों में कांग्रेस के विरोध में बने हुए हैं।
हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 135 सीटों के साथ भाजपा से सत्ता छीनने वाली कांग्रेस ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों के रूप में कई दिनों की कड़ी बातचीत के बाद अपने सीएम उम्मीदवार का फैसला किया । डीके शिवकुमार जिन्होंने कर्नाटक में प्रचंड जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, उन्होंने अंततः उपमुख्यमंत्री पद की भूमिका स्वीकार की।
बता दें कि कांग्रेस ने 10 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत हासिल की है। पार्टी को 224 सीटों में से 135 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस ने राज्य से भाजपा को सत्ता से बेदखल कर दिया है। बीजेपी 66 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर आई जबकि जेडीएस को सिर्फ 19 सीटें मिलीं।
