कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी गुरुवार को भाजपा में शामिल हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादास्पद बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की आलोचना करने वाले उनके ट्वीट के बाद जनवरी में उन्होंने कांग्रेस में सभी भूमिकाओं से इस्तीफा दे दिया था। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, वी मुरलीधरन और भाजपा की केरल इकाई के प्रमुख के सुरेंद्रन ने एक औपचारिक कार्यक्रम में पूर्व कांग्रेस नेता का अपनी पार्टी में स्वागत किया।
अनिल एंटनी ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर विवाद के बाद पार्टी छोड़ने से पहले केरल में कांग्रेस के सोशल मीडिया सेल को चलाया। अनिल ने “भारत विरोधी पूर्वाग्रहों” को बताते हुए बीबीसी डॉक्यूमेंट्री की खिंचाई की थी। डॉक्यूमेंट्री का विरोध करते हुए अनिल एंटनी ने कहा था कि ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के विचारों को भारतीय संस्थानों पर रखना देश की संप्रभुता को कमजोर करेगा।
उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, “बीबीसी यूके सरकार का प्रायोजित चैनल है और उसका इतिहास भारत को लेकर पूर्वाग्रह का रहा है। बीबीसी और ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री जैक स्ट्रॉ के विचारों को भारतीय संस्थानों के विचार से अधिक महत्व देना खतरनाक चलन है। जैक स्ट्रॉ ने ही इराक युद्ध की योजना बनाई थी और अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इराक पर हमला बोल दिया था। बीजेपी के साथ तमाम मतभेद हैं, लेकिन इसके बावजूद इससे देश की संप्रभुता प्रभावित होगी।”
अनिल एंटनी के इस ट्वीट के बाद कांग्रेस में हड़कंप मच गया था। पीएम मोदी को घेरने में जुटी कांग्रेस के नेता अनिल पर ये ट्वीट डिलीट करने के लिए दबाव बना रहे थे। तभी उन्होंने कांग्रेस से ही इस्तीफा दे दिया था।
बता दें कि अपने त्याग पत्र में अनिल ने अपने कुछ सहयोगियों पर कटाक्ष किया था और कहा था कि, “मुझे यकीन है कि मेरे पास अपनी अनूठी ताकत है जो मुझे कई तरीकों से पार्टी में बहुत प्रभावी ढंग से योगदान करने में सक्षम बना सकती थी। हालांकि अब आपके सहयोगी और नेतृत्व के आसपास के मंडली केवल चापलूसों और चमचों के झुंड के साथ काम करने के इच्छुक हैं, जो निर्विवाद रूप से आपके इशारे पर काम करेंगे। यह योग्यता का अकेला मानदंड बन गया है। अफसोस की बात है, हमारे पास ज्यादा सामान्य जमीन नहीं है।”
