आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की उपस्थिति में शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए। वे अविभाजित आंध्र प्रदेश के अंतिम मुख्यमंत्री थे। बीते दिनों उन्होंने पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को एक लाइन का त्याग पत्र भेजकर कांग्रेस छोड़ दिया था।
किरण कुमार रेड्डी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद कहा कि, “कांग्रेस आलाकमान के गलत फैसलों की वजह से राज्य दर राज्य पार्टी टूट रही है। यह एक राज्य की बात नहीं है। एक पुरानी कहानी है कि मेरा राजा बहुत बुद्धिमान है। वह अपने आप नहीं सोचता और न ही किसी का सुझाव मानता है। आप सबको पता चल गया होगा कि मैं क्या कहना चाहता हूं”।
प्रल्हाद जोशी ने रेड्डी को पार्टी में ज्वाइन करने के बाद कहा कि, “किरण कुमार रेड्डी के नेतृत्व में बीजेपी आंध्र में और मजबूत होगी। 3 जेरेशन कांग्रेस में काम करती रही। इनके पिता 3 बार एमएलए और मंत्री रहे। किरण कुमार रेड्डी मुख्यमंत्री रहे। 4 बार एमएलए चुने गए। रेड्डी एक बेहतरीन रणजी क्रिकेटर रहे”।
जोशी ने आगे कहा कि, ‘कुछ समय पहले जब मैं उनसे मिला तो उन्होंने मुझे बताया कि वह पीएम मोदी से प्रभावित हैं। आज वह बड़ा कदम उठाते हुए बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। वह भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई को और मजबूत करेंगे क्योंकि एक विधायक और मंत्री के रूप में उनकी छवि बेदाग रही है। आंध्र प्रदेश में भाजपा के लिए वह अहम साबित होंगे।’
इससे पहले किरण कुमार ने 2014 में तत्कालीन यूपीए सरकार के आंध्र प्रदेश को विभाजित करने और तेलंगाना को अलग करने के फैसले के विरोध में कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने अपनी पार्टी ‘जय समैक्य आंध्र’ बनाई थी और यहां तक कि 2014 के चुनावों में कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार भी उतारे थे। हालांकि इससे उन्हें कोई ख़ास लाभ नहीं हुआ। पूर्व सीएम 2018 में फिर से कांग्रेस में शामिल होने से पहले लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे।
बता दें कि आंध्र प्रदेश का विभाजन कांग्रेस के लिए भारी साबित हुआ था। विभाजन के बाद पार्टी नेताओं का बड़े पैमाने पर पलायन हुआ और तब से सबसे पुरानी पार्टी आंध्र प्रदेश में एक भी लोकसभा या विधानसभा सीट नहीं जीत पाई है।
