मंगलवार को पंजाब के होशियारपुर में राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमे उन्होंने मीडिया पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि मैं पत्रकारों की आलोचना नहीं करता, लेकिन मैं मीडिया के स्ट्रक्चर की आलोचना करता हूं। मैं निष्पक्ष और स्वतंत्र मीडिया चाहता हूं।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राहुल गांधी से एक पत्रकार ने ‘गोदी मीडिया’ को लेकर सवाल किया। इस सवाल के जवाब में राहुल ने कहा कि “गोदी मीडिया मेरे शब्द नहीं हैं और मैंने इस शब्द का कभी इस्तेमाल नहीं किया है। मैं ये जरूर कहता हूं कि मीडिया को कंट्रोल किया जा रहा है. मीडिया के लोगों पर पर दबाव डाला जा रहा। इसका दोष मैं रिपोर्टर्स को नहीं दे रहा हूँ बल्कि मैं जानता हूँ कि चैनल के मालिक ऐसा करने को कह रहे हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि, “जो मीडिया का स्ट्रक्चर है, मैं उसकी आलोचना करता हूं। कांग्रेस पार्टी की नीति मीडिया को निष्पक्ष करना है। हमारा कल्चर ही नहीं है मीडिया को नियंत्रित करने का। हम अगर ऐसा करना भी चाहें तो नहीं कर सकते क्योंकि हमारा स्ट्रक्चर बीजेपी जितना केंद्रित नहीं है।”
राहुल गांधी ने कहा कि मीडिया के द्वारा नफरत फैलाई जा रही है। इनके द्वारा ध्यान भटकाया जा रहा है। मीडिया का रोल वॉचडॉग का होना चाहिए। आप लोग जरूरी सवाल नहीं पूछते हैं।
कांग्रेस सांसद ने कहा- ‘आज मीडिया ध्यान भटकाने का रोल प्ले कर रहा है। जेबकतरा जब आता है, तो वह अकेला नहीं आता है। वह चार-पांच आते हैं, फिर ध्यान भटका कर जेब काटी जाती है। यह आप लोग नहीं, बल्कि आपका स्ट्रक्चर कर रहा है’।
राहुल गांधी ने कहा कि आप लोग कहते हो हिंदू मुस्लिम, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान, बॉलीवुड, तेंदुलकर उधर देखो। और इधर किसान की लूट हो रही है। छोटे व्यापारी मारे जा रहे हैं। हमने जो आंकड़े लगाए हैं, इस पर आपने सवाल ही नहीं पूछा है। यह शाहरुख खान से जरूरी सवाल है। किसी ने बहुत मजेदार कहानी बताई। पता नहीं बोलना चाहिए या नहीं… नहीं छोड़ो। यह सुनकर सभी हंसने लगे।
