आम्रपाली ग्रुप के CMD अनिल शर्मा के खिलाफ CBI ने दर्ज किया मर्डर का केस, पटना हाईकोर्ट ने दिया था आदेश

आम्रपाली ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल शर्मा के खिलाफ सीबीआई ने हत्या का मामला दर्ज किया है। पटना हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने अनिल शर्मा और 6 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आम्रपाली ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर अनिल शर्मा उन छह लोगों में शामिल हैं, जिन पर सात साल पहले बिहार में एक व्यक्ति की हत्या का आरोप है।

बिहार के लखीसराय में बालिका विद्यापीठ के तत्कालीन सचिव डॉ. शरद चंद्र की 2 अगस्त 2014 को उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस समय इस वारदात को अंजाम दिया गया, शरद चंद्र अपने घर पर अखबार पढ़ रहे थे। सीबीआई ने पटना हाईकोर्ट के आदेश पर इस मामले की जांच का जिम्मा संभाला था।

अब सीबीआई ने कहा है कि इस हत्या का मकसद शैक्षणिक संस्थान से संबंधित भूमि और संपत्ति पर कब्जा करना था। सीबीआई ने आरोप लगाया है, “आम्रपाली ग्रुप के एमडी अनिल शर्मा ने राजेंद्र प्रसाद सिंघानिया, डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा, श्याम सुंदर प्रसाद और शंभु शरण सिंह की मदद से बालिका विद्यापीठ का ट्रस्ट हड़प लिया था।” सीबीआई ने कहा कि सचिव डॉ. शरद चंद्र को पहले भी निशाना बनाया गया था, क्योंकि उन्होंने स्कूल चलाने के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्हें पहले भी धमकाया गया था और उनके ऊपर हमला किया गया था। जांच एजेंसी ने कहा कि उनके घर को नुकसान पहुंचाया गया और उन्हें गोली मार दी गई।

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में नामजद आरोपियों की लिस्ट –

– अनिल कुमार शर्मा, आम्रपाली ग्रुप के तात्कालीन सीएमडी
– डॉ. प्रवीण कुमार सिन्हा- पचना रोड निवासी, लखीसराय
– डॉ. श्याम सुंदर प्रसाद सिंह- पंजाबी मोहल्ला, लखीसराय
– राजेन्द्र सिंघानिया- बड़ी दुर्गास्थान, नया बाजार, लखीसराय
– अनीता सिंह- बालिका विधापीठ की तात्कालिन प्रचार्य
– शंभू शरण सिंह- पेशे से वकील, लोदिया थाना निवासी
– राधेश्याम सिंह- लखीसराय निवासी
– दो अज्ञात आरोपी

CID और पुलिस की जांच पर भी उठ सकता है सवाल-

सचिव के परिजनों ने इस मामले में आम्रपाली के तात्कालीन सीएमडी अनिल कुमार शर्मा, सहित इन सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज करवाया था, लेकिन तब पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप यह भी लगा था कि इस मामले में बहुत ही प्रभावशाली लोगों को आरोपी बनाया गया है और इसी वजह से पुलिस ढिलाई बरत रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार ने इस घटना की जांच का जिम्मा सीआईडी को दे दिया था, लेकिन सीआईडी ने भी इस मामले की बहुत गंभीरता से तफ्तीश नहीं की। उसके बाद मृतक की पत्नी ऊषा शर्मा ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस मामले में कई बार दोनों पझों की दलीलों को सुनने और सबूतों को देखने के बाद कोर्ट ने पिछले साल 12 दिसंबर 2022 को इस हत्याकांड की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।

बता दें कि इससे पहले आम्रपाली स्मार्ट सिटी डेवलपर्स के डायरेक्टर अनिल कुमार शर्मा के खिलाफ सीबीआई ने बड़ी छापेमारी की थी। सीबीआई ने 472 करोड़ रुपये से अधिक की कथित बैंक धोखाधड़ी के मामले में उनके घर और ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी ने आम्रपाली के डायरेक्टर्स -अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया और अजय कुमार के खिलाफ कॉर्पोरेशन बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक कंसोर्टियम को कथित तौर पर 472.24 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने के मामले में केस दर्ज की है। सीबीआई ने कंपनी के ऑडिटर अमित मित्तल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है. शर्मा, शिव प्रिया और कुमार जेल में हैं।

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