दिल्ली में हुए कंझावला कांड ने एक बार फिर देश की राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा ने एक वीडियो ट्वीट किया है। इस वीडियो में एक पुरुष पुलिसकर्मी एक महिला को थप्पड़ मारता हुआ दिख रहा है। कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि ये दिल्ली पुलिस है। नेट्टा डिसूजा ने अपने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए घटना का सीसीटीवी फुटेज शेयर किया है और साथ ही दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा किया है।
कांग्रेस नेता द्वारा शेयर किए गए इस 7 सेकंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस कथित तौर पर एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर जा रही है। इस बीच एक महिला जो उसके पीछे चल रही होती है उसे एक पुलिसकर्मी हाथ पकड़कर दो बार थप्पड़ मारता है।
इस वीडियो को ट्वीट करने के साथ नेट्टा डिसूजा ने लिखा कि, “दिल्ली पुलिस, यह हमारी सामूहिक अंतरात्मा के मुंह पर करारा तमाचा है। एक पुरुष सिपाही को महिला को थप्पड़ मारने का अधिकार कौन देता है? क्या इस वीडियो के बाद दिल्ली पुलिस कार्रवाई करेगी? अगर इस तरह के अपराध होते रहते हैं तो कंझावला मामले में निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली पुलिस पर भरोसा कैसे किया जा सकता है”?
इससे पहले कंझावला मामले पर डिसूजा ने सोमवार को कहा था कि इस मामले में मुख्य आरोपियों में से एक भाजपा का सदस्य है। साथ ही यह भी कहा कि दक्षिणपंथी पार्टी या तो ऐसी घटनाओं में शामिल है या दोषियों को बचा रही है।
कांग्रेस नेता ने अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा की गई एक वीडियो क्लिप में कहा कि “मनोज मित्तल (आरोपियों में से एक) के नाम के साथ एक भाजपा होर्डिंग उसी पुलिस स्टेशन के सामने देखा जा सकता है जहां वह अभी अपने दोस्तों के साथ है। पुलिस ने उन्हें कमजोर आरोपों के तहत दर्ज किया है – धारा 304 ए (लापरवाही से मौत) – लेकिन उन पर हत्या का आरोप नहीं लगाया’।
डिसूजा ने बिलकिस बानो के मामले के साथ ऊना के हाथरस में हुई अन्य घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन सभी मामलों में या तो बीजेपी के सदस्य शामिल देखे जाते हैं या वे दोषियों को बचाते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछना चाहता हूं कि लाल किले से उनके (स्वतंत्रता दिवस) भाषण का ‘महिलाओं की गरिमा’ पर क्या नतीजा निकला? कहां हैं महिला सुरक्षा पर हमेशा दूसरों को निशाने पर लेने वाली स्मृति ईरानी? वे इस घटना पर शांत क्यों हैं?”
