एयरमेन ट्रेनिंग स्कूल बेलगावी में ‘अग्निवीरवायु’ के पहले बैच की ट्रेनिंग हुई शुरू, रिकॉर्ड उम्मीदवारों ने किया था रजिस्ट्रेशन

अग्निपथ योजना के अंतर्गत भारतीय वायु सेना में अग्निवीरवायु के पहले बैच ने अपना प्रशिक्षण शुरू कर लिया है। भारतीय वायु सेना ने अपने आधिकारिक ट्विट्टर हैंडल के जरिये इस बात की जानकारी दी है।

भारतीय वायु सेना ने एक वीडियो ट्वीट किया है जिसमे दिख रहा है कि ट्रेनिंग के लिए तैयार जवान बेहद उत्सुक हैं। इस वीडियो में वे पूरे जोश और उत्साह के साथ अपना प्रशिक्षण पूरा करने को तैयार दिख रहे हैं और साथ ही अपने बारे में बता रहे हैं एवं भारतीय वायु सेना में शामिल होने को लेकर अपनी प्रतिक्रया दे रहे हैं। इस वीडियो में दिवाकर पारी बता रहे हैं कि, ‘मैं नीली जर्सी के दल में शामिल होने पर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं, मैं खुश किस्मत हूं कि मुझे अग्निपथ स्कीम के तहत अग्निवीरवायु बन कर देश की सेवा करने का मौका मिला’। इसी वीडियो में एक युवक ये कहता दिख रहा है कि, ‘मेरा अग्निवीरवायु बनने का सपना साकार हुआ है’।

मालूम हो कि इसी साल 24 जून को भारतीय वायु सेना की तरफ से पहली बार अग्निवीर भर्ती के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया गया था।

डिफेंस पीआरओ बेंगलुरु के ट्विटर हैंडल से जानकारी दी गयी है कि एयरमेन ट्रेनिंग स्कूल (एटीएस) बेलगावी में शुक्रवार से अग्नीवीरवायु’ के पहले बैच का प्रशिक्षण शुरू हुआ। एयर मार्शल मानवेंद्र सिंह ट्रेनिंग कमांड ने एटीएस बेलगावी का दौरा किया और अग्निवीरवायु के नए भर्ती बैच को संबोधित किया।

इससे पहले वायुसेना ने जानकारी दी थी कि अग्निवीर भर्ती के लिए रिकॉर्ड 7,49,899 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया है। इससे पहले तक किसी भी रिक्रूटमेंट साइकिल में अधिकतम आवेदन 6,31,528 ही दर्ज किए गए थे।

बता दें कि अग्निपथ स्कीम की घोषणा के बाद देश भर में युवा इसके विरोध में सडकों पर आ गए थे और जमकर इस योजना के खिलाफ प्रर्दशन किया था। उसके बाद कहा जाने लगा था कि देश के युवा इस योजना को स्वीकार नहीं करेंगे। लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं ने अग्निवीर बनने के लिए आवेदन किए। उस समय थल सेना और जल सेना ने भी अग्निवीर भर्ती रैली का नोटिफिकेशन जारी किया था। अग्निपथ स्कीम के तहत किसी भी सेना में उम्मीदवारों को केवल 4 वर्षों के लिए ही भर्ती किया जाएगा और इसके बाद आवश्यकता होने पर, अधिकतम 25 फीसदी उम्मीदवारों को ही परमानेंट किया जा सकता है।

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