पाकिस्तान के इस्लामाबाद के फेडरल कैपिटल के मैरियट होटल पर बड़े हमले की आशंका जताई जा रही है। इसी के मद्देनजर अमेरिका और ब्रिटेन ने अपने दूतावास के स्टाफ को अलर्ट जारी किया है। अमेरिका और ब्रिटेन सरकार के स्टाफ को संभावित हमले के कारण इस्लामाबाद के मैरियट होटल में जाने से रोक दिया गया है।
इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक अलर्ट में कहा कि, ‘ऐसी जानकारी मिली है कि अज्ञात व्यक्ति संभवतः छुट्टियों के दौरान इस्लामाबाद के मैरियट होटल में अमेरिकियों पर हमला करने की योजना बना रहे हैं। इसलिए इस्लामाबाद स्थित दूतावास तत्काल प्रभाव से सभी अमेरिकी कर्मचारियों को इस्लामाबाद के मैरियट होटल में जाने से रोक रहा है”।
दूतावास स्टाफ के सार्वजनिक समारोहों में शामिल होने पर प्रतिबंध लगाया गया है। अमेरिका ने दूतावास के स्टाफ से अपील की है कि वो छुट्टियों में इस्लामाबाद में गैर जरूरी और अनौपचारिक यात्राओं से बचें।
अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को पूजा स्थलों पर सतर्कता बरतने और बड़ी भीड़ वाले स्थानों से बचने के लिए कहा। इसने उन्हें संभावित हमले के अपडेट के लिए स्थानीय मीडिया पर नजर रखने के लिए भी कहा।’ अमेरिकी दूतावास ने कहा है कि अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करें। पहचान पत्र साथ रखें और कानून प्रवर्तन से अनुरोधों का पालन करें। अपने आसपास को लेकर जागरूक रहें. दूतावास की ओर से सहायता के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, पेशावर सभी जगहों के लिए नंबर जारी किए गए हैं।
जारी किए गए अलर्ट के अनुसार, खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में बाउजर, मोहमंद, खैबर, ओरकजई, कुर्रम, उत्तरी वजीरिस्तान और दक्षिण वजीरिस्तान के अलावा चारसद्दा, कोहाट, टैंक, बन्नू, लक्की, डेरा इस्माइल खान, स्वात, बुनेर और लोअर दीर में जाना खतरनाक साबित हो सकता है। इसके साथ ही पेशावर जिला, चितराल, बलूचिस्तान, चिलास और लाइन ऑफ कंट्रोल के 10 मील से दूर रहना चाहिए।
फिलहाल इस्लामाबाद में प्रशासन ने सभी तरह के जमावड़े, खासकर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगा दी और शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने विशेष रूप से आगामी स्थानीय सरकार के चुनावों के मद्देनजर सभी प्रकार की नुक्कड़ सभाओं, सार्वजनिक समारोहों और सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है।
