उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए सपा प्रत्याशी डिंपल यादव ने सोमवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। उनके साथ अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, अभय राम यादव और तेज प्रताप सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौजूद रहे। डिंपल अपने पति और सपा प्रमुख के साथ दोपहर करीब एक बजे मैनपुरी के कलेक्ट्रेट पहुंचीं और फिर उन्होंने नामांकन किया। उन्होंने नामांकन दाखिल करने से पहले राम गोपाल यादव के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। मैनपुरी लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई है।
नामांकन दाखिल करने के बाद डिंपल ने कहा कि नेताजी ने मैनपुरी को पहचान दी और उनका आशीर्वाद सपा के साथ हमेशा रहेगा तो वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि डिंपल यहां से प्रत्याशी हैं और मुझे पूरा भरोसा है कि यहां की जनता हमेशा की तरह ऐतिहासिक विजय का आशीर्वाद देकर इन्हें संसद में भेजेगी।
अपना नामांकन दाखिल करने से पहले डिंपल यादव ने नेताजी को नमन करते हुए ट्विटर पर लिखा, “नेताजी को सादर नमन के साथ, हम आज का नामांकन उनके सिद्धांतों और मूल्यों को समर्पित कर रहे हैं। नेताजी का आशीर्वाद हम सबके साथ हमेशा रहा है, हमेशा रहेगा।”
अपनी पत्नी के नामांकन से पहले अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया और लिखा, “मैनपुरी उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी के रूप में दरअसल नेताजी की समाजवादी आस्थाओं का ही नामांकन हो रहा है। जिस प्रकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के लोगों और जनमानस ने सैफई आकर नेताजी को श्रद्धांजलि दी है, उसका सच्चा परिणाम ये होगा कि सपा प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत होगी।”
डिंपल यादव नामांकन के लिए मैनपुरी रवाना होने से पहले अपने पति के साथ मुलायम सिंह यादव के समाधि स्थल पर पहुंचीं। डिंपल और अखिलेश ने वहां नेताजी के समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और इसके बाद वो मैनपुरी के लिए रवाना हुए।
बीजेपी का मैनपुरी से कौन होगा उम्मीदवार?
ये देखने वाली बात होगी कि बीजेपी मैनपुरी से किसे चुनाव मैदान में उतारती है? सूत्रों से खबर है कि बीजेपी यहां से गैर यादव उम्मीदवार को उतारना चाहती है। इसमें भी वह शाक्य बिरादरी के किसी नेता पर दांव लगाना चाहती है। इटावा से पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, विधायक ममताश शाक्य, प्रेम सिंह शाक्य के नामों की चर्चा जोरों पर है। अपर्णा यादव के नाम की भी चर्चा हो रही है।
डिंपल यादव पांचवीं बार लड़ रही है चुनाव-
डिंपल यादव का यह पांचवां चुनाव होगा। चूंकि मैनपुरी सपा का हमेशा से गढ़ रहा है, इसलिए इस उपचुनाव में किसी अनहोनी की संभावना तो नहीं है, लेकिन सपा की चुनौती बड़ी लीड के साथ जीत हासिल करना है। बता दें कि डिंपल यादव को 2009 के लोकसभा चुनाव में फिरोजाबाद सीट पर कांग्रेस के नेता राज बब्बर से हार मिली थी। डिंपल कन्नौज से 2012 में लोकसभा के लिए निर्विरोध चुनी गई थीं। 2014 में वह कन्नौज से लोकसभा का चुनाव जीती थीं। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में वह बीजेपी के सुब्रत पाठक से हार गई थीं।
उत्तर प्रदेश में मैनपुरी के अलावा रामपुर और खतौली विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल ने मिलकर उपचुनाव लड़ने का ऐलान किया है। तीनों ही सीटों पर 5 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे और 8 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी।
