लोकसभा उपचुनाव: अखिलेश ने अपने पिता मुलायम सिंह की मैनपुरी सीट को लेकर खेला मास्टरस्ट्रोक! बहु डिंपल यादव को बनाया उम्मीदवार

उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। मैनपुरी लोकसभा सीट से सपा ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को उम्मीदवार बनाया है। समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

मालूम हो कि मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी सीट खाली हुई थी। मैनपुरी सीट पर यादव परिवार का कई दशकों से कब्जा है। मैनपुरी में लोकसभा का उप चुनाव पांच दिसंबर को होना है। पहले इसके लेकर खूब चर्चा हो रही थी कि मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को कौन संभालेगा? लेकिन अब यह तय हो गया है कि मुलायम सिंह यादव की राजनीतिक विरासत को डिंपल यादव संभालेंगी।

डिंपल यादव ने साल 2009 में लोकसभा का पहला चुनाव फिरोजाबाद से लड़ा था, जब अखिलेश यादव ने ये सीट छोड़ी थी। इस उपचुनाव में कांग्रेस के राजबब्बर ने उनको हराया था। इसके बाद 2012 में कन्नौज लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था, जिसमें डिंपल यादव निर्विरोध जीती थीं। फिर 2014 के लोकसभा चुनाव में डिंपल ने कन्नौज से चुनाव लड़ा और जीतीं, लेकिन वर्ष 2019 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बीजेपी के सुब्रत पाठक ने डिंपल यादव को करीब 10 हजार वोटों से हरा दिया था। अब डिंपल यादव मैनपुरी से चुनाव मैदान में हैं।

मैनपुरी सीट पर 1996 से ही समाजवादी पार्टी जीतती हुई आ रही है। 1996 में पहली बार मुलायम सिंह यादव इसी सीट से जीते और लोकसभा पहुंचे थे। इसके बाद 1998 और 1999 का चुनाव सपा के टिकट पर बलराम यादव ने जीता था। 2004 में मुलायम सिंह एक बार फिर चुनाव जीते, लेकिन कुछ दिन बाद ही मुख्यमंत्री बनने के कारण उन्होंने यह सीट छोड़ दी। इसके बाद हुए उपचुनाव में धर्मेंद्र यादव जीते. 2009 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह ने फिर इस सीट से जीत हासिल की। इसके बाद 2014 का लोकसभा चुनाव मुलायम सिंह यादव ने दो सीटों (मैनपुरी और आजमगढ़) पर लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की। फिर मुलायम ने मैनपुरी सीट छोड़ दी, जिस पर हुए उपचुनाव में तेज प्रताप यादव जीते थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में मुलायम ने मैनपुरी सीट पर जीत प्राप्त की थी और अब उनकी मृत्यु के बाद ये सीट खाली हुआ है जिस पर उपचुनाव होने जा रहा है। समाजवादी पार्टी ने इस सीट से मुलायम की बहु, डिंपल यादव को चुनावी मैदान में उतारा है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि मैनपुरी सीट पर जाति समीकरण के लिहाज से डिंपल यादव ज्यादा फिट हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में भोगांव, मैनपुरी, किशनी और करहल के साथ इटावा के जसवंत नगर विधानसभा क्षेत्र है। यहां सर्वाधिक करीब 3.5 लाख यादव, डेढ़ लाख ठाकुर, करीब 1.60 शाक्य मतदाता हैं। इसी तरह मुस्लिम, कुर्मी, लोधी एक-एक लाख और ब्राह्मण व जाटव डेढ़-डेढ़ लाख हैं।

लोकसभा उपचुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई। 10 नवंबर से ये नामांकन प्रक्रिया 17 नवंबर तक चलेगी।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव आरएलडी के साथ मिलकर लड़ेगी। समाजवादी पार्टी ने कहा है कि प्रदेश में होने वाले आगामी उपचुनाव में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मैनपुरी लोकसभा और रामपुर विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी चुनाव लड़ेंगे और खतौली विधानसभा सीट पर आरएलडी का प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा। रामपुर विधानसभा सीट सपा नेता आजम खान की सदस्यता रद्द होने और खतौली विधानसभा सीट बीजेपी विधायक विक्रम सैनी की सदस्यता रद्द होने के कारण खाली हुई है। आजम और सैनी की सदस्यता अदालत से सजा होने के बाद रद्द की गई है। आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उनकी पार्टी का सपा के साथ गठबंधन भविष्य में भी जारी रहेगा। इन सीटों पर उपचुनाव पांच दिसंबर को होगा।

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