प्रयागराज में अपना दल ने बारा सीट पर अपना दावा ठोका, भाजपा नेताओं के माथे पर बल

प्रयागराज: भाजपा ने अपना दल और निषाद पार्टी को दी जाने वाली सीटों पर मोटी सहमति बना ली है। पार्टी के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने कई दौर की चर्चा कर इन दोनों दलों के साथ एक-एक सीट पर व्यापक चर्चा कर उनको अंतिम रूप दिया है। अपना दल को अधिकतम 18 सीटें मिल सकती हैं। जबकि निषाद पार्टी को 12 सीटें  मिल सकती हैं। अपना दल ने एमएलसी और भावी सरकार में मंत्री को लेकर भी भाजपा से बातचीत की है।अपना दल को दी जाने वाली 15 सीटों की पहचान पूरी की जा चुकी है। इनमें अधिकांश मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, झांसी, बहराइच, लखनऊ, जौनपुर, रायबरेली और रामपुर जिलों की सीटें शामिल हैं। आधा दर्जन सीटों पर चर्चा चल रही है।

 

एक नये घटनाक्रम में अपना दल ने प्रयागराज की बारा विधानसभा सीट भी मांग कर भाजपा आलाकमान के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में अपना दल के साथ मिलकर भाजपा ने प्रयागराज में कई सीटों पर कमल खिलाया था। लेकिन केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल एस ने बारा सीट पर कुर्मियों का जनाधार अधिक होने का दावा करते हुए इस सीट को भी अपने खाते में लेने के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है। जिससे अब भाजपा के रणनीतिकारों के माथे पर बल पड़ने लगे हैं।2017 के विधान सभा चुनाव में जिले की 12 में से नौ सीटें जीतने वाले अपना दल एस-भाजपा गठबंधन को इस बार और आगे बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में सूबे में यादवों के बाद पिछड़ा वर्ग के दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाले कुर्मी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाली केंद्र में भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस ने इस बार चार सीटों पर अपना दावा किया है।

 

पिछले चुनाव में अपना दल एस के खाते में हंडिया, प्रतापपुर और सोरांव को मिलाकर तीन सीटें गईं थीं। इस बार कुर्मी बाहुल्य बारा सीट को लेकर अपना दल एस की राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भाजपा हाईकमान से बातचीत कर रही है। अद एस ने अपने सर्वे में इस सीट को कुर्मी बाहुल्य बताते हुए कहा है कि अगर बारा सीट उसके खाते में दी जाती है तो गठबंधन को यहां से भी फायदा मिलेगा। पिछली बार जो तीन सीटें अद एस को मिली थीं, उनमें हंडिया विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री राकेश धर त्रिपाठी की पत्नी प्रमिला त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन वह 63 हजार वोट पाकर बसपा के हाकिम लाल से हार गई थीं। यहां अपना दल एस दूसरे नंबर पर था। इसी तरह प्रतापपुर विधान सभा सीट से अपना दल एस के करन सिंह बसपा के मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी से महज दो हजार मतों से हार गए थे। जबकि, सोरांव सीट पर अपना दल एस के जमुना प्रसाद ने बसपा की गीता देवी को हराकर इस सीट पर जीत दर्ज की थी।जिले की बारा सुरक्षित सीट है। इस सीट पर भाजपा के डॉ. अजय भारतीय मौजूदा समय विधायक हैं।लेकिन, अपना दल एस का दावा है कि इस सीट पर कुर्मियों की संख्या ज्यादा है। इसलिए बारा सीट अपना दल एस को दी जाए। इस नई दावेदारी से भाजपा की मुसीबत बढ़ गई है।

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