प्रयागराज: मां गंगा से ऐसा लगाव बहुत कम देखने को मिलता है।पुणे के कर्नल आरपी पांडे, अहमदाबाद के हिरेन पटेल उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं जिस पर पद यात्रा की सोचना ही मुश्किल है। लेकिन जवानों जैसा साहसी जोश लिए इन पदयात्रियों ने न केवल 6500 किलोमीटर लम्बी पदयात्रा की वरन ऐसे दुर्गम रास्तों को भी पार किया जिसको प्रोजेक्टर देख कर लोग रोमांचित हो रहे थे।
शायद गंगा से अपार प्रेम,उसकी स्वच्छता के प्रति जूनून ही था कि इन लोगों ने निर्बाध यात्रा पूरी की।गंगा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए 6500 किमी से अधिक की नीलकंठ गंगा परिक्रमा पदयात्रा करने वाले इन दो पदयात्रियों के अलावा रोहित उमराव फतेहपुर यूपी ने भी वही हिम्मत और जोश दिखाई।ये यात्रा करीब 222 दिनों तक चली।
पदयात्रियों ने बताया कि इस यात्रा के दौरान गंगा नदी के दोनों किनारों की दुर्लभ और साहसिक परिक्रमा को पूरा करना एक रोमांचकारी अनुभव रहा है।शहर के संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर के निकट किला घाट में गंगा परिक्रमा करने वाले इन साहसिक पदयात्रियों की परिक्रमा पूर्ण होने के अवसर पर स्वागत समारोह का आयोजन किया गया।
एनसीसी डे के मौके पर प्रयागराज एनसीसी ग्रुप की सभी इकाइयों ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया और कार्यक्रम को शानदार बनाने में अपनी भूमिका निभाई। सुबह 9 बजे एनसीसी के कैडेट्स मार्च पास्ट कर कार्यक्रम स्थल तक पदयात्रियों को लेकर पहुचे। यहां तीनों पदयात्रियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।इसके बाद पदयात्रियों ने मुख्य अतिथि गंगा समग्र के केंद्रीय संगठन मंत्री रामाशीष का कर्नल आरपी पांडे ने माल्यार्पण किया।
इन गंगा पदयात्रियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए गंगा की विशालता, उसमे प्रदूषण, गंगा के किनारे फैले उद्योग, कई राज्यों में गंगा के प्रवाह और उसके किनारे लगने वाले मेले, कृषि, जनजीवन, जलीय जीवों एवं नदी के अंदर के पादप जगत आदि के बारे में बताया। इतनी उम्र के बाद भी पैदल गंगा यात्रा करने वालों की सभी ने सरहा।कई बार तो रास्ते इतने दुर्गम थे कि उस पर चलना मुश्किल था। लेकिन जवानों जैसा जोश लिए इन पदयात्रियों ने हिम्मत नहीं हारी और अपने मकसद को पूरा किया। पदयात्रियों की कठिनाईयों को दीर्घा में मौजूद दर्शकों से एलसीडी प्रोजेक्टर के जरिए साझा की गई। जिसे देख कर हर कोई रोमांचित हो गया।कार्यक्रम के दौरान मंच में मेजर जनरल एमएल असवाल (सेवानिवृत), ब्रिगेडियर केपी कृष्णा, कर्नल अनिल राय, कर्नल एके सिन्हा, कर्नल पीपी शर्मा, मिलिमद मनस्वी, कर्नल नितिन सेठ टीए बटालियन, चिंतामणि आदि मौजूद रहे। पूना से डॉ विनीता पांडे, गरिमा कालिया, समीर कालिया, भव्या पांडे,गुजरात से पहुँचे रामिला पटेल, चिंतन पटेल, फतेहपुर से सीमा उमराव, अनुभव, आराध्य उमराव, आशीष पटेल, पूर्व मंत्री उमाकांत त्रिपाठी योगेश शुक्ल, पर्यटन विभाग से अपराजिता सिंह, नामामि गंगे, गंगा शोध केंद्र, गंगा मित्र नीताश्री, समुद्रकुप आश्रम से आशीष शुक्ल, गंगा प्रहरी रोहित निषाद के साथ तमाम सामाजिक संगठन व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

Ganga mayiya me gandagi faila kar ye padyatra se kya faeda kya safai ho jayegi