प्रयागराज: इलाहाबाद विश्वविद्यालय की शोध छात्रा नेहा यादव को सपा छात्रसभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। नेहा की जुझारू प्रवृत्ति वाली छवि रही है। उल्लेखनीय है कि वह धूमनगंज में गृहमंत्री अमित शाह को काला झंडा दिखाने के बाद वह सुर्खियों में आईं थीं। इस मामले में गिरफ्तारी के बाद वह कई दिनों तक जेल में भी रहीं। न्यूट्रीशनल साइंस में शोध कर रहीं नेहा को चार वर्ष से अध्यक्ष रहे अनिमेष प्रताप सिंह की जगह यह जिम्मेदारी दी गई है। वहीं वाराणसी के संदीप सिंह स्वर्णकार को महासचिव बनाया गया है।
मूलत: बरेली की रहने वालीं नेहा की मां इस बार ग्राम प्रधान चुनी गई हैं। पिछले दिनों बरेली दौरे पर गए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव उनके आवास पर भी गए थे। नेहा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कई छात्र आंदोलनों की अगुवाई की। छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए छात्रसभा से टिकट भी मांगा था। हालांकि नहीं मिल पाया। एनआरसी समेत कई मुद्दों को लेकर भी हुए आंदोलनों में भी सक्रिय रहीं और प्रयागराज के रोशनबाग के आंदोलन में वह बराबर हिस्सेदार रही हैं। लगता है कि उनको इन्हीं संघर्षों का इनाम मिला है।
नेहा का कहना है कि सरकार की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एवं विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली के लिए संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा वह इस जिम्मेदारी को बड़ी मेहनत से निभाएंगी और यूपी में 2022 में सपा सरकार बनाने में अपना जोर लगा देंगे। नेहा यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर स्थानीय नेताओं कार्यकर्ता एवं विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं में खुशी का माहौल है।
