TP Exclusive NCTE पार्ट-3, आखिर क्यों नवीन मलिक को सरकारी आदेश के बाद भी रोकने की कवायद जारी ! क्या हरियाणा सरकार की अनदेखी जायज़ है

दिल्ली/ हरियाणा/ पिछले हफ़्ते खुलासा किया हुआ था बनवारीलाल नटिया चैयरमैन NRC कमेटी ने कैसे सैकड़ों कॉलेजों को धमकी देकर राम मंदिर के नाम पर उगाही की,
कैसे एक साधारण से पॉलिटेक्निक टीचर को प्रोमोशन देकर RD बनाया गया, किसको करोड़ो दिये गये, कैसे ERC, WRC में खेल चल रहा है…..

क्या है नटिया और WRC, ERC का खेल मलिक को कौन नहीं जाने देना चाहता है !

 

आज पढ़िए NCTE में कैसे भ्रष्टाचार, ईमानदार अधिकारी और तेज तर्रार आईएएस, NCTE चैयरमैन संतोष सारंगी के नेक इरादों पर भारी पड़ रहा है–

 

NCTE- संतोष कुमार सारंगी के आते ही भ्रष्टाचार पर सख्ती, फ़र्ज़ी कागज़ों पर मान्यता लेने का मामला। वाराणसी महादेव महाविद्यालय का B.ED एडमिशन रोका गया

 

आखिर कौन है ? ऐसे अधिकारी जो पैसे की मदहोशी में इतने डूबे है कि हरियाणा सरकार के आदेश की अनदेखी और खुद NCTE से रिलीव लेटर के बाद मलिक को नहीं जाने देना चाहते है, हरियाणा सरकार का DO लेटर 29 जून जिसमें नवीन मलिक को तुरंत रिलीव करने की बात कही गई, और तक्षकपोस्ट की खबर के बाद 19 जुलाई को मलिक को रिलीव करने का आदेश जारी होता है। लेकिन कैसे नवीन मलिक अभी तक NCTE में मौजूद है ???

 

 

 क्या है मामला हरियाणा सरकार और NCTE का

हरियाणा सरकार का आर्डर जिसमें हरियाणा टेक्निकल एडुकेशन बोर्ड के सेकेट्री विजय सिंह दहिया का ऑर्डर जिसमें हरियाणा से बाहर डेपुटेशन पर ग्रुप A और B के सरकारी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से डेपुटेशन कैंसिल करके वापस अपने गृह विभाग में ड्यूटी पर उपस्थित रहने को कहा गया।
10 जून को संबंधित विभाग की एक चिट्ठी निकाली गई और सभी को वापस बुलाया गया। और NCTE को दोबारा इसी क्रम में 29 जून को नवीन मलिक को तत्काल रिलीव करके वापस भेजने को कहा गया था !

 

 

तक्षकपोस्ट पर हमनें इस बात का खुलासा किया था कि कैसे नटिया और मलिक भ्रष्टाचार में लिप्त है 16 जुलाई को खबर आई इसके तुरंत बाद नवीन मलिक का रिलीविंग लेटर निकला जुलाई 19 को लेकिन नवीन मलिक अभी भी विभाग में बना हुआ है। आखिर क्यों ??

 

क्योंकि मलिक के जाने के साथ ही करोड़ों रुपये भी हाथ से जाएंगे, सूत्रों के हवाले से मलिक को कोर्ट के जरिये स्टे लेकर रोकने की कोशिश हो रही है। इसलिए लेटर देने के बाद भी छुट्टी नहीं हो रही।

 

इससे हमारे उस दावे की पुष्टि होती है जिसमें ये बताया गया था कि मलिक ने RD बनने के लिए 1 करोड़ रुपये दिए है, अभी हाल ही में नवीन मलिक को प्रमोट करके ERC का RD बनाया गया था, वहां मौजूद योग्य और अनुभवी के साथ परमानेंट अंडर सेकेट्री के होते हुये ERC और WRC में ऐसे व्यक्ति RD बने जिन्हें काम की ABCD नहीं आती पर घुस में पैसे देकर प्रोमोशन मिला जाहिर है कोई अधिकारी तो ऐसा है जिनके लिए नवीन मलिक और डॉ अखिल श्रीवास्तव का इन पदों पर बिठाया जाना जरूरी था। ताकि पैसों के लेन देन में आसानी हो। एक नाम का खुलासा बनवारीलाल नटिया तो हमनें किया बाकी के नाम भी जल्द ….

 

खेल ये ही था क्योंकि नवीन मलिक ने RD बनने के लिए करोड़ रुपये पहुंचाये थे, NRC चैयरमैन बनवारीलाल नटिया के साथ मिलकर लेकिन नटिया अकेला नहीं। विभाग के कुछ उच्च अधिकारी भी इस खेल में शामिल हैं। जिनके साथ मिलकर नटिया, नवीन मलिक और WRC कमेटी का RD डॉक्टर अखिल श्रीवास्तव NCTE को चूना लगा रहे हैं और सरकार के अच्छे प्रयासों पर भी बट्टा लगाने का काम।

 

 

बनवारी लाल नटिया, नवीन मलिक और डॉ अखिल श्रीवास्तव मिलकर NCTE को रिश्वतखोरी और अपने काले कारनामों का ठिकाना बना कर पैसे बनाने में लगे थे, इनको शह थी पूर्व मंत्री और NCTE के कुछ उच्च अधिकारियों की। पूर्व में भी विजय कुमार और चौहान जैसे चोर अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त पाये गये थें। मतलब चोरी और सीनाजोरी दोनों खुलमखुल्ला।

 

 

अब देखिए डॉ अखिल श्रीवास्तव को सुनील शर्मा की अनदेखी करके काफी जूनियर होने के बाद भी RD का पद मिला क्योंकि नटिया चाहता था, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से होने वाली कमाई का आंकड़ा करोडों में है। नवीन मलिक यहां से पैसे इकठ्ठा करके हर हफ्ते नटिया को पहुंचाने का काम कर रहा था। उसकी कमाई भी हो रही थी तभी उसने करोडों रुपये दिए RD बनने के लिए।

खुद बनवारीलाल नटिया का कार्यकाल फरवरी में पूरा हो चुका है। इसके बाद भी वो NCTE में मौजूद है, एक महिला सहकर्मी के साथ यौन शोषण का आरोपी है पर कारवाई नहीं ! नवीन मलिक पद के योग्य नहीं फिर भी RD अब तो मतलब हद ही हो गई। इनके भ्रष्टाचार की सीमा देखिये की नये आये NCTE के चैयरमैन के भ्रष्टाचार को रोकने की पहल के अच्छे प्रयास को ही ये काटने की ताक में लगे हैं।

 

 

पिछली खबर पढ़ने के लिए नीचे लिंक पर जाये-

TP Exclusive NCTE भ्रष्टाचार पार्ट-2, साधारण से पॉलिटेक्निक शिक्षक नवीन मलिक के RD बनने की असल वजह नटिया का खेल और हरियाणा सरकार के आदेश की अनदेखी

 

संतोष सारंगी को ये जांच भी करवानी चाहिए कि नवीन मलिक, नटिया और डॉ अखिल श्रीवास्तव ने किस अधिकारी के साथ मिलीभगत करके पिछले कुछ समय में NCTE के नियमों के खिलाफ जाकर काम किये है। एक मामला तो तक्षकपोस्ट नही संज्ञान में उठाया था जिसमें 1479 ऊत्तरप्रदेश के कॉलेजों को धमकाया गया पैसे इकठ्ठा किये गए और राम मंदिर के नाम पर चढ़ाव उस अधिकारी समेत इन तीनों की जेबों में भी गया।

 

ऐसी अनगिनत फ़ाइल और शिकायत तक्षकपोस्ट के पास पहुंच चुकी है जिनका खुलासा जल्द…

 

NCTE में फैले भ्रष्टाचार पर लोकसभा में भी सवाल गूंज रहे है फिर क्यों अभी तक ऐसे भ्रष्टाचार में डूबे लोगों को नहीं हटाया गया और कारवाई क्यों नहीं हुई। नवीन मलिक और नटिया जैसे लोगों का संस्थान में रहना साफतौर पर गंदगी की तरफ इशारा करता है। कार्यकाल खत्म होने के बाद भी कुर्सी ना छोड़ना, रिलीव लेटर का जारी होने के बाद भी नवीन मलिक का नहीं जाना तक्षकपोस्ट के तमाम खुलासे पर मुहर लगाने के लिए काफी है। मंत्रालय को संज्ञान लेकर तुरंत कारवाई और जांच शुरू करनी चाहिए।

 

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