प्रयागराज में सुलभ श्रीवास्तव के हत्या की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर कैंडिल मार्च

 

शाहिद नक़वी : पत्रकार जनतंत्र का चौथा स्तंभ है और जनतंत्र के सुचारू रूप से कार्य करने के लिए आवश्यक है कि स्वतंत्र निष्पक्ष पत्रकारिता सुरक्षित रहे। ये बातें शहर के सुभाष चौराहे पर आयोजित कैंडिल मार्च में वक्ताओं ने कहा। उल्लेखनीय है कि प्रतापगढ़ में एक चैनल के पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की संदिग्ध मौत हो गई है। जिन परिस्थितियों में मृतक की लाश मिली है उससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।

 

डॉ ऋचा सिंह के नेतृत्व में कैंडिल मार्च एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया-
 जिस प्रदेश में लोकतंत्र का चौथा स्तंभ का प्रतिनिधि पत्रकार सुरक्षित नहीं होंगे तो समाज जंगलराज में परिवर्तित हो जाएगा ।
और ऐसे माहौल में अन्याय और सच की आवाज़ कौन बनेगा??
वह कौन लोग हैं जो अपराध और हिंसा के ख़िलाफ़ उठने वाली आवाज़ों को दबा देना चाहते हैं । सम्मानित पत्रकार सिर्फ़ सूचना का माध्यम ही नहीं वरन यह सत्ता की निरंकुशता अराजकता और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण का माध्यम भी हैं।
डॉ ऋचा सिंह ने कहा यदि पत्रकार सुरक्षित नहीं तो समाज सुरक्षित नहीं है।और समाज सुरक्षित नहीं तो नागरिक सुरक्षित नहीं ।  पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की दिनदहाड़े हत्या, इस बात का सबूत है कि अपराधियों के हौंसले बुलंद है साथ ही पुलिस की कार्यप्रणाली भी बेहद शिथिल है। पुलिस घटना होने के बाद जागती है और तब तक एक परिवार उजड़ चुका होता है।
डॉ ऋचा कहा उत्तर प्रदेश सरकार से हमारी माँग है कि परिवार को 50 लाख का अविलंब मुआवज़ा दिया जाये।
मंजू पाठक ने कहा अगर 24 घंटे के अंदर आरोपी अपराधियों को गिरफ्तारी नहीं की जाती माना जाएगा वर्तमान कृत्य सरकार और पुलिस की मिलीभगत से संपादित किया गया।
इस दौरान मोमबत्ती जलाकर स्वर्गीय सुलभ श्रीवास्तव जी को श्रद्धांजलि दी गयी और प्रार्थना की गयी कि ईश्वर इस दुख को सहन करने की परिवार को हिम्मत प्रदान करे।
सभा में मंजू पाठक, प्रमोद बच्चा, मो।सपा प्रवक्ता एम एम अस्करी ,इमरान, पिंटू,काशान सिद्दीकी, अनीस पार्षद गुड्डी यादव,अजय सम्राट, राहुल पटेलबच्चा भाई, सचिन दास, नदीम भारत सिंध, नदीम अली, संदीप सुमित,फहद खान, राजा फारुकी के साथ बड़ी संख्या में अन्य लोह उपस्थित रहे।

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