किसान आंदोलन: सरकार के अड़ियल रुख पर विपक्ष की 16 पार्टियों ने उठाया बड़ा कदम,राकेश टिकैत का भी हमला

नई दिल्ली: कृषि क़ानूनों पर सरकार के अड़ियल रुख़ के ख़िलाफ़ 16 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बॉयकॉट का फ़ैसला किया है।

वहीं दूसरी तरफ राकेश टिकैत बोले- लाल किले पर किसने फहराया झंडा, SC करे जांच

दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की परेड में हुई हिंसा के बाद पुलिस एक के बाद एक कार्रवाई कर रही है। किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और फिर नोटिस जारी करके जवाब मांगने के बाद अब धरनास्थल खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। वहीं, अटकलें थीं कि भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत जल्द सरेंडर कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। राकेश टिकैत ने गुरुवार को किसान आंदोलन के लिए बनाए गए मंच से कहा कि जिसने भी लाल किले से झंडा फहराया है, उस पर सुप्रीम कोर्ट जांच करे। इस मामले में जांच करने के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए।

राकेश टिकैत के परिवार वाले भी मिलने के लिए उनके पास पहुंचे हैं। मीडिया से बात करते हुए राकेश टिकैत ने आगे कहा कि अगर पुलिस ने नोटिस चिपका दिया तो क्या हो गया, मैं कानून को मानने वाला व्यक्ति हूं। टिकैत ने कहा कि हमारा आंदोलन जारी रहने वाला है, खत्म नहीं होगा। लाल किले की घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उनकी कॉल डिटेल निकाली जाए।

गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद पुलिस ने बॉर्डर पर सख्ती कर दी है। किसानों के धरना स्थल से लगभग 1 किलोमीटर पहले बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया है। टिकरी बॉर्डर मेट्रो स्टेशन के नीचे बैरिकेडिंग लगा दी गई है। आम जनता को भी इस मेट्रो स्टेशन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। टिकरी बॉर्डर पर पुलिस फोर्स के अलावा कल रात से अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को भी तैनात कर दिया गया है।

माना जा रहा है कि आज ही धरनास्थल खाली कराया जा सकता है। हालात का जायजा लेने के लिए जिला मजिस्ट्रेट अजय शंकर पांडेय सहित प्रशासन एवं पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। धरनास्थल को खाली कराने की जिला प्रशासन के द्वारा तैयारी पूरी कर ली गई है।

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