दिल्ली: डेढ़ महीने से दिल्ली मे चल रहे नये कृषि कानूनों पर के किसान संगठनों और सरकार के बीच समझौता ना हो पाने की स्थिति में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कोर्ट ने बिल पर स्टे लेते हुए 4 सदस्यों की कमेटी गठित की थी जिसमें भूपिंदर सिंह मान का नाम भी शामिल था पर लोगो के विरोध और एतराज़ के बाद आज भूपिंदर सिंह मान ने एक पत्र लिख कर खुद को इस कमेटी से अलग कर लिया और कहा मैं किसानों के साथ हूं।

इस पर क्या कहा राकेश टिकैत ने
भूपेंद्र सिंह मान का सुप्रीमकोर्ट की समिति से अलग होना आंदोलन की वैचारिक जीत है।
आज हाल में ही पंजाब से सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी के सदस्य भूपेंद्र मान जी का इस्तीफा इस आंदोलन की वैचारिक जीत का उदाहरण है भूपेंद्र सिंह मान ने कहा है कि वह किसानों की जन भावनाओं के पंजाब के किसान के साथ है हम उनका धन्यवाद करते हैं कि आज उनके अंदर का किसान जाग गया और हम भूपेंद्र सिंह मान जी को आमंत्रित करते हैं कि वह भी आंदोलन में शामिल हो।
कौन है भूपिंदर सिंह मान
भूपिंदर सिंह मान भारतीय किसान यूनियन (BKU) के अध्यक्ष और पूर्व राज्यसभा सांसद हैं। किसान संघर्षों में योगदान को ध्यान में रखते हुए 1990 में राष्ट्रपति की ओर से भूपिंदर सिंह मान को राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया गया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने नए कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसान संगठन के बीच जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए 4 सदस्यीय कमिटी में इन्हें शामिल किया।
