भारतीय सड़कों पर अब दौड़ेगी टेस्ला की इलेक्ट्रिक कार, बेंगलुर में बनाया अपना ठिकाना

2020 में कोरोना के कारण ऑटोमोबाइल सेक्टर में मंदी के बाद टेस्ला की भारत के बाज़ार में एंटी की खबर एक अच्छी शुरुआत मानी जा रही है 2021 में साथ ही पहले से मौजूद कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा भी।

दिग्गज कारोबारी एलन मस्क भारत में अपना कारोबार शुरू करने जा रहे हैं। एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला की भारत में एंट्री हो गई है। टेस्ला यहां लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण और कारोबार करेगी। टेस्ला ने आधिकारिक रूप से बेंगलुरु में पंजीकरण किया है। कंपनी का ऑफिस बेंगलुरु क्लब के सामने रिचमंड सर्कल जंक्शन पर स्थित है।

बेंगलुरु स्थित टेस्ला का हेड ऑफिस

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने 1.5 करोड़ की पूंजी के साथ पंजीकृत किया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने टेस्ला का स्वागत किया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि कर्नाटक ग्रीन मोबिलिटी की ओर भारत की यात्रा का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता टेस्ला जल्द ही भारत में बेंगलुरु में एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट यूनिट के साथ अपना परिचालन शुरू करेगी।

वेअरहाउस टेस्ला

रिपोर्ट्स के अनुसार टेस्ला अपनी कार के ‘Model 3’ को ही भारतीय बाजार में उतार सकती है। इसके अंदर 60Kwh की Lithium ion बैटरी पैक दिया गया है। वहीं गाड़ी की टॉप स्पीड 162mph है। यह कार 0-60km की रफ्तार 3.1 सेकेंड्स में पकड़ सकती है। इसकी कीमत करीब 55 लाख रुपये हो सकती है।

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कॉर्पोरेट मंत्रालय के अनुसार, टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 8 जनवरी को बेंगलुरु में पंजीकृत हुई। वैभव तनेजा, वेंकटरंगम श्रीराम और डेविड जॉन फेंस्टीन इसके निदेशक हैं। तनेजा टेस्ला में CFO हैं, जबकि फेंस्टीन टेस्ला में ग्लोबल सीनियर डायरेक्टर, ट्रेड मार्केट एक्सेस हैं।बताया जाता है कि इस साल से टेस्ला अपना ऑपरेशन्स शुर करेगी।

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भारत में टेस्ला के आने की चर्चा पिछले साल से थी। टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने अक्टूबर में एक ट्वीट में कहा था कि उनकी कंपनी 2021 में भारतीय बाजार में प्रवेश करेगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि टेस्ला अगले साल भारत में अपना कामकाज शुरू करेगी। उन्होंने कहा था कि भारत में अगले पांच साल में दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादक बनने की क्षमता है।

 

भारत के करीब 8 लाख करोड़ रुपये के कच्चे तेल आयात के बजट में कमी लाने के लिए नितिन गडकरी लगातार ग्रीन फ्यूल और इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं। सरकार हर पेट्रोल पंप पर एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग कियोस्क लगाने की तैयारी कर रही है।

 

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