पेपर लीक होने से स्थगित की गई यूपी टीईटी परीक्षा में दोबारा 22 लाख परीक्षार्थीयों का इम्तिहान

प्रयागराज: यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) अपनी तय तारीख 23 जनवरी को दो पालियों में होगी। सरकार ने कहा है कि यदि कोई कोविड पॉजिटिव स्टूडेंट परीक्षा देना चाहता है तो उसे अलग कमरे में बैठने की व्यवस्था बनाई जाएगी। सरकार ने हर स्तर पर अपनी तैयारी कर ली है। इस बार टीईटी परीक्षा में शिक्षकों की भी डियूटी लगाई गई है। अफसरों को सख्त हिदायत भी दी गई है कि अगर कुछ गड़बड़ी होती है उसके लिए वह सीधे जिम्मेदार होंगे। वर्तमान में हर दिन 15 हजार से अधिक कोविड पॉजिटिव नए केस मिल रहे हैं। ऐसे में एग्जाम सेंटरों पर यदि नियमों के पालन में ढिलाई बरती गई तो ये हालत बिगड़ सकते हैं। 22 लाख से ज्यादा स्टूडेंट परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा नियामक प्राधिकारी अनिल भूषण चतुर्वेदी से पूछा तो उन्होंने साफ किया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा नियत समय पर 23 जनवरी को ही होगी। अब परीक्षा टलने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

उधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपर मुख्य सचिव गृह, एडीजी कानून व्यवस्था, प्रमुख सचिव बेसिक के साथ ही साथ प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिया है कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत टीईटी कराना सुनिश्चित करें। इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी न होने पाए यह हर हाल में सुनिश्चित करें।

अगर पेपर लीक जैसी कोई घटना होती है तो संबंधित जिलाधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, केंद्र प्रभारी जैसे अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके अलावा कोरोना पॉजिटिव अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में बैठने की छूट दे दी गई है।उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यूपी टैट 2021 की तिथि 23 जनवरी 2022 रखी है। पहले यह परीक्षा 28 नवंबर को होनी थी पर पेपर लीक होने से इसे निरस्त कर दी गई थी। दो पालियों में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए लगभग 22 लाख अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।

प्रथम पाली का समय सुबह 10 से 12:30 रखा गया है। दूसरी वाली का समय 2:30 से 5 तक रखा गया है। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा को मिलाकर कुल 21,65,181 अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। यूपी टीईटी में 2019 में 16 लाख आवेदन आए थे। कोरोना महामारी के कारण 2020 में एग्जाम आयोजित नहीं किया जा सका था।

2019 में अध्यापक पात्रता परीक्षा में करीब 16 लाख उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। पहली बार 12 नवंबर 2011 को यूपी में टीईटी कराया गया था। उत्तर प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी विद्यालयों में शिक्षक के रूप में भर्ती होने के लिए यह परीक्षा पास करना अनिवार्य है।सरकार ने सभी प्रतियोगियों को परिवहन निगम की बसों में प्रवेश पत्र की फोटो कॉपी दिखाकर दो दिन फ्री यात्रा कर सकते हैं। अभ्यर्थी 22 जनवरी 2022 से 24 जनवरी 2022 तक मान्य होगी। सिटी बसों की निश्शुल्क यात्रा की सुविधा 22 जनवरी 2022 से 23 जनवरी 2022 की मध्य रात्रि 12 बजे तक मान्य होगी। अभ्यर्थियों को अपने पास प्रवेश पत्र की 6 से आठ फोटोकॉपी रखने की सलाह दी गई है। बस में यात्रा के दौरान जितनी बसों में चढ़ेंगे प्रवेश पत्र की कॉपी देनी होगी।

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