डेस्क: योगी सरकार के लिए नया साल बड़ी उलटफेर लेकर आया है उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बाहुबली मुख्तार अंसारी की पत्नी और उनके दो भाइयों को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाई कोर्ट ने तीनों की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
मुख्तार अंसारी के लिए राहत की।खबर नहीं होगी पत्नी गिरफ्तार-
हाई कोर्ट ने तीनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा हैं। मुख्तार अंसारी के परिवार पर गाजीपुर के नंद गंज थाने में धोखाधड़ी और अवैध रूप से सरकारी पैसा हासिल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज है।
मुख्तार अंसारी के परिवार के खिलाफ उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम ने 2 अक्टूबर 2021 को यह मामला दर्ज कराया था। मुख्तारी अंसारी की पत्नी और भाइयों पर सरकारी जमीन पर बीज गोदाम बनाकर सरकार से 6 करोड़ रुपये अवैध अनुदान लेने का आरोप है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट में मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए बहस कि जिसके बाद जस्टिस सुनित कुमार और जस्टिस विक्रम डी चौहान की डिवीजन बेंच ने उन्हें गिरफ्तारी से राहत दे दी है।
उत्तर प्रदेश के बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी ने 7 जनवरी को अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट से रिहाई की गुहार लगाई है।
इस संबंध में मुख्तार अंसारी की ओर से एक याचिका दायर की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। यूपी में मुख्तार अंसारी के खिलाफ 52 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 15 केस ट्रायल स्टेज पर हैं।
उत्तरप्रदेश में सत्ता बदलने के साथ ही मुख्तार सरकार के निशाने पर रहे हैं। और लगातार योगी सरकार मुख्तार को लेकर बयानबाज़ी करती रहीं है। ऐसे में हाइकोर्ट के इस फैसले से योगी सरकार को झटका लग सकता है। कुछ ही दिनों में चुनाव होने वाले है प्रदेश में।
