सीमा पर जवान अंदर किसान मर रहे हैं मोदी सरकार में- रेवती रमण

 प्रयागराज: भारत कृषि प्रधान देश जिसकी 70% आबादी खेती किसानी से जुड़ी हैं इसलिए देश के विद्वान ,सच्चे, ईमानदार पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने “जय जवान जय किसान” का नारा दिया था लेकिन जबसे मोदी सरकार बनीं हैं नारे का स्वरूप ही बदल गया अब “मर जवान मर किसान” हो गया।
उक्त बातें राज्यसभा सांसद कुंवर रेवती सिंह ने कश्मीर में जवानों के शहीद होने व भाजपा केंद्रीय मंत्री के बेटे द्वारा किसानों को रौंदने पर दुख व्यक्त करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारें आंकड़ों का खेल खेलती हैं तो 2014 के बाद के आंकड़े उठा कर देख ले कि सीमा पर कितने जवान शहीद हुए,कितने किसानों ने आत्महत्या किया और नोटबंदी,जीएसटी की वजह से कितने छोटे कारोबारी ने आत्महत्या किया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा  प्रथम कोरोनाकाल मे अचानक लाकडाउन का  तानाशाही पूर्व निर्णय जिसमें आवागमन के सभी साधन बिना मोहलत दिऐ बंद कर दिया गया उसकी वजह से कितने प्रवासी मजदूरों ने अपनी जान गंवाई और प्रथम कोरोनाकाल से कोई सबक नहीं लेते हुए द्वितीय कोरोना काल में आक्सीजन, अस्पताल में बेड की कमी की वजह से लाखों लोगों ने जान गंवाई मोदी सरकार मे इंसान के जान की कोई कीमत नहीं है।
सांसद ने कहा कि रोज रोज के पेट्रोल-डीजल-गैस के दामों में वृद्धि से होने वाली मंहगाई से जनता त्रस्त हो गई और जब जनता के झेलने की शक्ति खत्म हो जाती हैं तो क्रांति होती इतिहास गवाह हैं।
पूर्व सपा प्रदेश प्रवक्ता विनय कुशवाहा ने कहा कि उधोगपतियों की जकड़ मे पूरा देश  होता जा रहा है जल-जमीन-आकाश पर देश के चुनिंदा उधोगपतियों का कब्जा होता जा रहा है जो देश के भविष्य और भारत जैसे  अधिसंख्य गरीब नागरिकों के लिए दुखदायी ही होगा। इसके असर आने लगें अडानी के पोर्ट पर हिरोइन की बड़ी खेप मिलती हैं तो उसको दबा दिया जाता हैं शाहरुख खान के बेटे को गिरफ्तार कर देश को गुमराह किया जा रहा है ।

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