NEW DELHI: भारतीय राजनीति में ये दौर हमेशा याद रखा जाएगा जब देश में महामारी है का समय है लोगों की जान जा रही है, सरकार और सत्ता पक्ष का ध्यान लोगों की तरफ ना होकर विपक्ष को कटघरे में घसीटने का है। देश में तमाम विपक्षी पार्टियां एक सुर में केंद्र सरकार को सुझाव और उपाय की तरफ ध्यान देने की अपील कर रही है, पर सरकार की तरफ से उस पर ध्यान ना देखे अपनी छवि बचाने का भूत सवार है।
चौतरफा घिरी भाजपा और नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली NDA पर आरोप है कि देश में कुप्रबंधन और उदासीनता की वजह से कोरोना का कहर ज्यादा बढ़ा है, लगातार हो रहे इन हमलों से पार्टी और नरेंद्र मोदी की छवि का नुकसान होता देख भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा और IT सेल अमित मालवीय के द्वारा ये फैला गया कि विपक्ष ने प्रधानमंत्री की छवि खराब करने की कोशिश की है इसके पक्ष में बीजेपी ने एक नकली टूलकिट को अपने आधिकारिक ट्विटर एकाउंट से प्रचारित किया। ऐसे में बीजेपी की कोशिश ये थी कि हर बार की तरह इस बार भी झूठ का पर्दा फैला कर सच को छुपा दिया जाये, मौतों का हिसाब लोग भूल जाये।
विवाद यहीं से उठ खड़ा हुआ कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा पर कोरोना महामारी के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि बचाने के लिए ‘फर्जी टूलकिट’ तैयार करने का आरोप लगाया और सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा, उसके वरिष्ठ नेताओं बीएल संतोष, स्मृति ईरानी, संबित पात्रा तथा कई अन्य के खिलाफ दिल्ली पुलिस में ‘जालसाजी’ की शिकायत दर्ज कराई है। विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि वह प्रमुख सोशल मीडिया मंचों के प्रबंधकों को पत्र लिखकर ‘झूठ फैलाने’ वाले इन वरिष्ठ भाजपा नेताओं के सोशल मीडिया अकाउंट खत्म करने का आग्रह भी करेगी।
कांग्रेस के मुताबिक “भाजपा “COVID-19 कुप्रबंधन” पर एक नकली “टूलकिट” का प्रचार कर रही है और इसका श्रेय AICC को दे रही है। हम @jpnadda और @sambitswaraj के खिलाफ जालसाजी के लिए प्राथमिकी दर्ज कर रहे हैं, जब हमारा देश COVID से तबाह हो गया है, राहत देने के बजाय, भाजपा बेशर्मी से जालसाजी करती है।
कांग्रेस के सोशल मीडिया विभाग के प्रमुख रोहन गुप्ता ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को ‘झूठ फैलाने’ के लिए सोशल मीडिया मंचों से हटाया जाना चाहिए तथा जल्द ही पार्टी की तरफ से सोशल मीडिया कंपनियों के प्रबंधकों को इस बारे में पत्र लिखा जाएगा।
कांग्रेस नेता और वकील अमन पंवार ने कहा कि अगर दिल्ली पुलिस इस शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करती है तो फिर पार्टी की तरफ से अदालत का भी रुख किया जा सकता है।
टूलकिट क्या है और कैसे काम करता है
‘‘टूलकिट’’ एक प्रकार का दस्तावेज होता है जिसमें अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए बिंदुवार मुद्दे होते हैं। अभियान को धार देने के लिए इन्हीं मुद्दों पर विरोधियों को घेरने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है। हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान भी एक टूलकिट सामने आया था, जिसकी काफी चर्चा भी हुई थी।
विवाद कहा से शुरू हुआ और क्यों मचा घमासान
हैशटैग #BJPLiesIndiaCries का उपयोग करते हुए, कांग्रेस के आधिकारिक हैंडल ने ट्वीट किया, “अगर भाजपा ने लोगों की मदद करने में अधिक से अधिक समय और प्रयास लगाया होता, तो उन्हें उन लोगों के बारे में झूठ नहीं फैलाना पड़ता जो उनके लिए अपना काम कर रहे हैं। यह शर्म की बात है कि हमारी सरकार हमारे लोगों की रक्षा करने से ज्यादा विपक्ष को बदनाम करने में दिलचस्पी रखती है।
संबित पात्रा ने एक ट्वीट में दावा किया था कि कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ आरोप लगाते हुए पात्रा ने कहा “कम से कम कहने के लिए घृणित। राहुल गांधी महामारी के इस अवसर का उपयोग पीएम मोदी की छवि को नष्ट करने के लिए करना चाहते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को म्यूटेंट स्ट्रेन को ‘मोदी स्ट्रेन’ कहने का निर्देश दिया गया था। ‘ विदेशी पत्रकारों की मदद से भारत का नाम बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
पात्रा द्वारा पेज साझा करने के बाद विवाद छिड़ गया और भाजपा नेताओं ने इसका इस्तेमाल कांग्रेस की खिंचाई करने के लिए किया। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद भूपेंद्र यादव ने ट्वीट किया, “कोविड से लड़ने में लोगों की मदद करने के बजाय, कांग्रेस चाहती है कि उसके समर्थक पीएम की छवि खराब करने के लिए नए म्यूटेंट की बात करते समय ‘इंडियन स्ट्रेन’ और ‘मोदी स्ट्रेन’ का इस्तेमाल करें। यह गिद्ध की राजनीति है। कांग्रेस के निम्न मानकों से भी एक नया निम्न स्तर।”
भाजपा के सूचना और प्रौद्योगिकी विभाग के राष्ट्रीय प्रभारी, अमित मालवीय ने ट्वीट किया, “यह बेशर्म और चौंकाने वाला है कि ऐसे समय में जब भारत कोविड से लड़ रहा है, कांग्रेस पार्टी भारत से लड़ रही है। इस बिंदु पर उसे केवल राजनीतिक स्कोर करना है। अंक, कुंभ को एक सुपर स्प्रेडर के रूप में कलंकित करते हैं जबकि ईद को एक सुखद घटना के रूप में खेलते हैं।”
भाजपा के राष्ट्रीय सचिव, सुनील देवधर ने एक ट्वीट में कहा, “क्या यह देशद्रोहियों का टूलकिट नहीं है? कोविड से लड़ने के बजाय, कांग्रेस का एजेंडा मोदी से लड़ना है और डब्ल्यूएचओ द्वारा उस शब्द को खारिज करने के बावजूद “भारतीय तनाव” कहकर भारत को बदनाम करना है। सबसे घटिया किस्म की गिद्ध राजनीति।”
मुंबई के वंड्रे वेस्ट से बीजेपी विधायक आशीष शेलार ने कहा कि कांग्रेस ने देश को कोरोना से लड़ने में मदद करने के बजाय देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाया है. “शर्म! भारतीयों को कोरोना से लड़ने में मदद करने के बजाय, कांग्रेस ने भारत विरोधी ताकतों, भारत विरोधी मीडिया के साथ हाथ मिलाया है 1.) भारत सरकार के खिलाफ नकारात्मक खबरें और झूठा प्रचार फैलाना 2.) IYC (इंडिया यूथ कांग्रेस) के पक्ष में पेड पीआर अभियान चलाएं। ”
जबाव में कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भाजपा के आरोपों पर कहा, भाजपा ने फर्जी टूलकिट तैयार किया है, ताकि एक बौने नेता की गढ़ी हुई छवि को बचाया जा सके, जबकि पूरा देश इनकी हकीकत जान चुका है। अब हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असली चेहरा देख चुका है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जो भी सरकार से सवाल करता है, उसका चरित्र हनन करने का प्रयास किया जाता है। कांग्रेस इस तरह के हथकंडों से डरने वाली नहीं है। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे और सरकार से कठिन प्रश्न पूछते रहेंगे।’’
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पार्टी के कम्युनिकेशन सेकेट्री और मीडिया इंचार्ज विनीत पुनिया ने इसे दुखद बताया।
