वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सांध्य कालीन रंगारंग कार्यक्रम संस्कार भारतीय एवं ललित कला विभाग के पुरातन छात्रों की ओर से आयोजित की गई। कार्यक्रम के चौथे दिन सर्वप्रथम अभिषेक द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुति के साथ गणेश वंदना एवं शिव स्तुति प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात निर्मल यदुवंशी का एकल तबला वादन प्रस्तुत किया गया जिसे सुनकर श्रोताओं ने तालियों की गूंज से पूरे परिवेश की आबोहवा बदल दी। कार्यक्रम के योगेश कुमार के गायन के माध्यम से ठुमरी तथा गजरा के प्रस्तुति की गई। कार्यक्रम में आए हुए तुषार राज सिंह ने राग किरवानी के माध्यम से “नैना नैना तरस गए आज बलमा परदेसी हो गए” की प्रस्तुति की। सिमरन गुप्ता ने अपने शास्त्री शैली में कठपुतली नृत्य से लोगों को हंसने पर मजबूर कर दिया। ललित कला विभाग के फैशन डिजाइनिंग अनुभाग की तरफ से अपने हाथ द्वारा बनाए गए खादी पोशाक की प्रदर्शनी में फैशन शो किया गया कार्यक्रम के अंत में श्रीधर शर्मा का नृत्य प्रस्तुत हुआ।
