प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एनडीए की बैठक को संबोधित किया और कहा 2024 का चुनाव दूर नहीं है और देश के लोग मन बना चुके हैं कि तीसरी बार फिर NDA को ही अवसर देना है। पीएम मोदी ने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए का वोट शेयर 50% से ज्यादा होगा। इस दौरान उन्होंने बेंगलुरु में विपक्षी दलों के जुटान पर भी जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नकारात्मक धारणाओं पर बने गठबंधन हमेशा विफल होते हैं। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी 26 विपक्षी दलों के नेताओं की बेंगलुरु में बैठक करने और एनडीए से मुकाबला करने के लिए अपने गठबंधन का नाम इंडिया रखने के कुछ ही समय बाद आई।
पीएम मोदी ने विपक्षी दलों के गठबंधन पर जमकर निशाना साधा और कहा कि 2014 से पहले की गठबंधन सरकार नीतिगत पंगुता से भरी हुई थी। 2014 से पहले की गठबंधन सरकार का उदाहरण हमारे सामने है. प्रधानमंत्री के ऊपर एक आलाकमान, पॉलिसी पैरालिसिस, निर्णय लेने में अक्षमता, अव्यवस्था और अविश्वास, खींचतान और भ्रष्टाचार, लाखों-करोड़ों के घोटाले। प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारे देश में राजनीतिक गठबंधन का एक लंबा इतिहास रहा है, लेकिन नकारात्मकता पर बना कोई भी गठबंधन कभी सफल नहीं हुआ।”
अपने संबोधन में, प्रधान मंत्री ने कांग्रेस पार्टी पर सरकारों को गिराने के लिए गठबंधन का उपयोग करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा, “90 के दशक में कांग्रेस ने देश में अस्थिरता लाने के लिए गठबंधन का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने सरकारें बनाईं और यहां तक कि उन्हें गिराया भी। इसी अवधि के दौरान 1998 में एनडीए का गठन हुआ।”
पीएम ने कहा, NDA का मतलब है N-न्यू इंडिया, D- विकसित राष्ट्र, A- लोगों की आकांक्षा। आज युवा, महिलाएं, मध्यम वर्ग, दलित और वंचितों को NDA पर भरोसा है। एक तरह से NDA अटल जी की एक ओर विरासत है जो हमें जोड़े हुए है। NDA के निर्माण में आडवाणी जी ने भी बहुत अहम भूमिका निभाई थी और वो आज भी हमारा मार्गदर्शन कर रहे हैं…हाल ही में NDA के गठन के 25 साल पूरे हुए हैं, ये 25 वर्ष देश की प्रगति को गति देने और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को पूरा करने के रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एनडीए का गठन किसी को सत्ता से बेदखल करने के लिए नहीं बल्कि देश में स्थिरता लाने के लिए किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा, “एनडीए का गठन किसी के विरोध में नहीं किया गया था। इसका गठन किसी को सत्ता से बाहर करने के लिए नहीं किया गया था। इसका गठन देश में स्थिरता लाने के लिए किया गया था।”
विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए पीएम मोदी ने कहा, एनडीए ने कभी भी लोगों के जनादेश का अपमान नहीं किया या सरकार का विरोध करने के लिए विदेशी मदद नहीं मांगी। उन्होंने कहा, ”जब हम विपक्ष में थे तब भी हमने हमेशा सकारात्मक राजनीति की। हमने कभी भी जनादेश का अपमान नहीं किया और सरकारों का विरोध करने के लिए कभी विदेशी मदद नहीं मांगी। हम विपक्ष में रहे लेकिन देश के विकास में बाधा नहीं बने, न ही रुकावट बने।”
पीएम मोदी ने कहा, जब गठबंधन सत्ता की मजबूरी से होता है, जब गठबंधन भ्रष्टाचार के इरादे से हो, जब गठबंधन परिवारवाद की नीति पर आधारित हो, जब गठबंधन जातिवाद और क्षेत्रवाद को ध्यान में रखकर किया जाता है तो वह गठबंधन देश को बहुत नुकसान पहुंचाता है।
उन्होंने कहा, राजनीति में प्रतिस्पर्धा हो सकती है लेकिन शत्रुता नहीं होती लेकिन आज विपक्ष ने अपनी एक ही पहचान बना ली है, हमें गाली देना, हमें नीचा दिखाना। बावजूद इसके हमने देश को दलों के हित से उपर रखा है। यह NDA सरकार ही है जिसने प्रनब मुखर्जी को भारत रत्न दिया, हमने मुलायम सिंह यादव, शरद पवार, गुलाम नबी आज़ाद जैसे अनेक नेताओं को पद्म सम्मान दिया।
पीएम ने कहा, जनता देख रही है कि ये पार्टियां क्यों इकट्ठा हो रही हैं? जनता ये भी जान रही है कि ऐसा कौन सा गोंद है जो इन पार्टियों को जोड़ रहा है। किस तरह छोटे-छोटे स्वार्थ के लिए मूल्यों और सिद्धांतों से समझोता किया जा रहा है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ये लोग पास-पास तो आ सकते हैं लेकिन साथ नहीं आ सकते…जो लोग आज मोदी को कोसने के लिए इतना समय लगा रहे हैं, अच्छा होता वो देश के लिए, गरीब के लिए सोचने में समय लगाते..2024 का चुनाव दूर नहीं है और देश के लोग मन बना चुके हैं कि तीसरी बार फिर NDA को ही अवसर देना है।
पीएम मोदी ने दावा किया कि एनडीए देश के लोगों के लिए प्रतिबद्ध है और कहा कि राष्ट्र, इसकी प्रगति, सुरक्षा और लोगों का सशक्तिकरण उनकी विचारधारा और सर्वोच्च प्राथमिकता है। देश में गरीबी पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘लोगों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ”2024 के लोकसभा चुनाव अब दूर नहीं हैं। दुसरे देश अच्छी तरह से जानते हैं कि भारत में चुनाव नजदीक हैं, इसके बावजूद सभी प्रमुख देश एनडीए नेताओं को आमंत्रित कर रहे हैं जो चुनावी वर्ष में सामान्य नहीं है। वे ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि एनडीए फिर से सरकार में आएगी।
उन्होंने कहा, “लोगों को सशक्त बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। परिणामस्वरूप, नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 के बाद लगभग 13.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया।” विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”लगभग 40 करोड़ लोगों ने बहुत कम समय में गरीबी को मात दी।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “आईएमएफ के अनुसार, भारत से अत्यधिक गरीबी खत्म होने की कगार पर है।”
पीएम ने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि एनडीए के तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। हर सपने संकल्प हैं और हर संकल्प सिद्धि के लिए हम समर्पित भाव से जुटे हुए लोग हैं।
उन्होंने कहा, हम केवल आज की जरूरतों के लिए काम नहीं कर रहे हैं, हम आने वाली पीड़ियों के भविष्य को भी सुरक्षित बना रहे हैं…हम विकास भी कर रहे हैं और विरासत को भी सहेज रहे हैं, हम मेक इन इंडिया पर भी बल दे रहे हैं और पर्यावरण की रक्षा भी कर रहे हैं, हमारी नीयत साफ है, नीति स्पष्ट है और निर्णय ठोस है।
पीएम ने कहा कि मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं अपने परिश्रम, प्रयासों में कहीं कोई कमी नहीं रहने दूंगा…मेरे शरीर का हर कण, मेरे समय का हर क्षण देश को ही समर्पित है।
सूत्रों का कहना है कि NDA के बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ एनसीपी नेता अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल की बैठक हुई। ये बैठक 30 मिनट चली. इस बैठक में महाराष्ट्र और लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा हुई।
बैठक के बाद महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुल मिलाकर 39 पार्टी के प्रमुख बैठक में थे। बहुत ही अच्छी बैठक थी, सभी दलों में आत्मविश्वास था। आज सभी ने मोदी जी को विश्वास दिलाया है और जनता ने भी मन बना लिया है कि अबकी बार मोदी सरकार, इस बार 330+ से ज्यादा आएंगे।
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के संस्थापक संजय निषाद ने कहा कि जितने भी हमारे घटक दल हैं, उनकी एक ही आवाज है- मोदी सरकार, NDA सरकार. पिछली सरकारों ने सभी जाति, धर्म के लोगों के साथ धोखा किया है।
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हम NDA में शामिल हुए और सबने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि हम मोदी जी को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के लिए काम करेंगे, गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक सब मिलकर काम करेंगे।
लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा, इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही 2024 में फिर से देश के प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन उस परिणाम को हम और कितना बढ़ा सकें इसके लिए आज NDA के तमाम घटक दलों ने बैठक की।
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा, बैठक में सबने एक मत से प्रस्ताव पारित करके प्रधानमंत्री मोदी के 9 साल के कार्यकाल की सराहना की और उनकी बढ़ती लोकप्रियता के प्रति खुशी जाहिर की। मोदी जी को पुनः 2024 में तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने के लिए लोगों ने मन बना लिया है।
बता दें कि अगले साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसी क्रम में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए की बैठक मंगलवार को हुई। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के मुताबिक इस बैठक में 38 पार्टियां शामिल हुई। उन्होंने कहा कि पिछले 9 सालों में एनडीए का जो डेवलमेंट का एजेंडा है, जो स्कीम्स हैं, जो नीतियां हैं, जो पीएम मोदी के नेतृत्व में चल रही हैं, इसमें एनडीए के सभी दलों ने रूचि दिखाई है।
