भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान को 18 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। आगामी बैठक अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से मुकाबला करने के लिए शक्ति प्रदर्शन के लिए एकता बनाने के विपक्ष के प्रयासों के बीच हो रही है।
पत्र में नड्डा ने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी एनडीए का एक प्रमुख घटक है और गरीबों के विकास और कल्याण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों में एक प्रमुख भागीदार है।
इस घटनाक्रम को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के खिलाफ लड़ने के लिए 2020 में बिहार में गठबंधन छोड़ने के बाद एनडीए में वापस लाने के लिए चिराग पासवान तक भाजपा की पहुंच के रूप में देखा जाता है, जो राज्य विधानसभा चुनाव में कभी भगवा पार्टी की प्रमुख सहयोगी थी।
जेपी नड्डा ने पत्र में लिखा, आपकी पार्टी लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) एनडीए की अहम साथी है। एनडीए के महत्वपूर्ण साथी दल के रूप में आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वार देश के विकास को गति देने वाली सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण की यात्रा के प्रमुख सहयोगी भी हैं। पत्र में आगे कहा गया है कि आगामी 18 जुलाई 2023, मंगलवार को शाम 5 बजे नई दिल्ली स्थित होटल अशोक में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में एनडीए की बैठक होनी तय हुई है। इस बैठक में आप सादर आमंत्रित हैं।
इस पर चिराग पासवान ने कहा, “हम पार्टी नेताओं से सलाह लेने के बाद अंतिम निर्णय लेंगे। हमने समय-समय पर विभिन्न मुद्दों पर भाजपा का समर्थन किया है, लेकिन एनडीए की बैठक में जाना है या नहीं, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी नेताओं के साथ बैठक के बाद लिया जाएगा।”
अटकलें तेज हैं कि दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान को भाजपा केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल कर सकती है। हाल ही में इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा अपनी रिपोर्ट में उनकी जान को खतरा बताए जाने के बाद उन्हें Z श्रेणी की सुरक्षा दी गई थी।
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने शुक्रवार रात एक हफ्ते में दूसरी बार चिराग पासवान से मुलाकात की थी। एलजेपी (आर) ने नड्डा द्वारा चिराग पासवान को लिखा गया एक पत्र भी साझा किया, जिसमें उन्हें एनडीए की बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है।
चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस के नेतृत्व में एलजेपी में विभाजन ने उन्हें कमजोर कर दिया लेकिन चिराग पासवान को पार्टी के वफादार वोट बैंक को अपने साथ बनाए रखने में सफल देखा गया है जिसके बाद भाजपा को उस राज्य में उनके (चिराग) महत्व का संकेत मिला। चिराग, राजद, जद(यू), कांग्रेस और वाम दलों के मजबूत गठबंधन के खिलाफ खड़े हैं।
जूनियर पासवान प्रमुख मुद्दों पर भाजपा के समर्थन में दृढ़ रहे हैं।
बैठक में शामिल होने के लिए नड्डा ने हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतनराम मांझी को भी न्योता दिया है। जीतन राम मांझी दलित समाज की राजनीति करते हैं और बिहार में करीब 16 फीसदी दलित मतदाता हैं। बिहार में छह लोकसभा और 36 विधानसभा सीटें दलित समुदाय के लिए सुरक्षित हैं। वहीं दलित वोट बैंक में से 6 फीसदी वोट बैंक पर चिराग पासवान की पार्टी का एकाधिकार है।
बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अध्यक्षता वाली शिवसेना, अजीत पवार की अध्यक्षता वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गुट, बिहार और उत्तर प्रदेश के अन्य छोटे दल और पूर्वोत्तर राज्यों के क्षेत्रीय दल समेत भाजपा के कई नए सहयोगी की एनडीए की बैठक में शामिल होने की संभावना है। बैठक में पीएम मोदी के भी मौजूद रहने की संभावना है।
