उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश से संबंधित घटनाओं में 145 से अधिक लोगों की मौत हो गई है। पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बाढ़ और भूस्खलन का कहर जारी है और कई पर्यटक फंसे हुए हैं। जबकि मानसून शुरू होने के बाद से 91 मौतों के साथ हिमाचल प्रदेश सबसे अधिक प्रभावित है, उत्तर प्रदेश में 14, हरियाणा में 16, पंजाब में 11 और उत्तराखंड में 16 मौतें हुई हैं। दोनों पहाड़ी राज्यों में बारिश, तूफान और बिजली गिरने का येलो अलर्ट जारी है। पहाड़ों में भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई सड़कें बंद हो गई हैं। यमुना के जल स्तर में भारी वृद्धि के कारण दिल्ली में कई स्थानों पर बाढ़ और जलभराव देखा गया है। हालाँकि, ताजा रिपोर्टों के अनुसार, शुक्रवार की रात में जल स्तर 17 सेंटीमीटर कम हो गया है और अब 208 मीटर है। राजघाट और पुराना किला इलाकों में गंभीर जलभराव की सूचना है।
शहर के कई हिस्सों में बाढ़ के मद्देनजर, दिल्ली में स्कूल और कॉलेज 16 जुलाई तक बंद रहेंगे। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि उफनती यमुना नदी के पानी से दिल्ली के कई हिस्से जलमग्न हो गए हैं।
दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के बाहर सड़क पर पानी भर गया है। बाढ़ का पानी यमुना बाजार, लालकिले, राजघाट और ISBT-कश्मीरी गेट तक पहुंच गया है। यहां 3 फीट तक पानी भर गया।
हालात बिगड़ते देख CM अरविंद केजरीवाल ने ड्रेनेज ठीक करने के लिए सेना की मदद मांगी। दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, ITO के पास 12 नंबर ड्रेनेज का रेगुलेटर टूटने से बाढ़ का पानी आ रहा है। सीएम ने कहा- रेगुलेटर को आज ठीक कर लिया जाएगा।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना और सीएम अरविंद केजरीवाल ने आईटीओ के पास टूटे ड्रेनेज का निरीक्षण किया। एलजी ने कहा, यह समय किसी को दोष देने या टिप्पणी करने का नहीं है। अभी हमें टीम वर्क करने की जरूरत है। मैं भी बहुत कुछ कह सकता हूं लेकिन अभी इसकी जरूरत नहीं है।
मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 5 दिनों तक दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 17 और 18 जुलाई को बारिश में मामूली वृद्धि की उम्मीद है। हालाँकि, दिल्ली में बाढ़ स्थानीय बारिश के कारण नहीं है, बल्कि इसलिए है क्योंकि यमुना नदी में हिमाचल और अन्य राज्यों से बहुत अधिक पानी आया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा ने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा, आपदा से हुए नुकसान को देखने और राहत कार्य को समझने एवं बसाव कार्य पर चर्चा करने के लिए मैं प्रशासन के साथ आया हूं…प्रकृति का बहुत ही विकराल रूप देखने को मिला है। जिस दिन ये आपदा आई उसी दिन प्रधानमंत्री ने राहत कार्य के लिए जरूरी आर्थिक मदद के बारे में हिमाचल के मुख्यमंत्री से बात की। गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री के कहने के अनुसार तुरंत 180 करोड़ का आपदा राहत कोष जारी किया… जो भी आर्थिक मदद की जरूरत है वो दी जाएगी।
इससे पहले गुरुवार रात प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस से फोन कर दिल्ली बाढ़ की जानकारी ली। दिल्ली के उपराज्यपाल ने कहा कि प्रधामंत्री ने केंद्र सरकार से हरसंभव मदद की बात कही। प्रधानमंत्री ने राहत के पर्याप्त कदम उठाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री इस वक्त फ्रांस दौरे पर हैं। दिल्ली में इस समय बाढ़ जैसे हालात हैं। दिल्ली के कई इलाके जलमग्न हैं। लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। आईएमडी ने क्षेत्र में भारी से बहुत भारी वर्षा की भविष्यवाणी की है।
